विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए सिद्धचक्र मंडल का आयोजन

अजमेर,(कौशल जैन): विश्व शांति महायज्ञ और मानव जाति के कल्याण के लिए रविवार से 8 दिवसीय सिद्धचक्र मंडल विधान का आयोजन शुरू हुआ। पाल बीचला स्थित श्री पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर में हो रहे इस धार्मिक अनुष्ठान के तहत निकाली गई घटयात्रा में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में ब्रह्मचारिणी संगीता दीदी के सानिध्य में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
वर्तमान दौर में मानव जाति के लिए खड़े हो रहे प्राकृतिक और अप्राकृतिक संकटों से मानव की रक्षा के उद्देश्य से दिगम्बर जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या ब्रह्मचारिणी संगीता दीदी के सानिध्य में हो रहे इस 8 दिवसीय महामंडल विधान के पहले दिन श्रेष्ठी परिवार प्रकाशचंद, अशोक जैन, अंकित जैन की ओर से विशाल घटयात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई जो शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए पालबीचला स्थित जैन मंदिर में ध्वजारोहण के साथ संपन्न हुई। इस घटयात्रा में महिलाएं केसरिया साड़ी पहने हुए थी जबकि मंडल विधान के लिए लाई जा रही विभिन्न सामग्रियों को लिए समाज के लोग परम्परागत लिबास धोती-दुप्पटे में दिखाई दिए। हर्षोल्लास और जैन धर्म की जयघोष के दौरान समाज के लोगों ने इस घटयात्रा का चंवर भी किया। सिद्धचक्र मंडल महाविधान को लेकर जानकारी देते हुए ब्रह्मचारिणी दीदी ने बताया कि इसका आयोजन मानव जाति के कल्याण के लिए किया जाता है, जो मानव के जीवन में आने वाली अनेक बाधाओं को दूर कर उसके कल्याण का रास्ता प्रशस्त करता है। मैना सुंदरी का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि इस धार्मिक अनुष्ठान का फल उसके कोढी पति को क्षण भर में ठीक करने वाला रहा है। इसी प्रकार 48 तालों में कैद किए गए मंगतुंग महाराज को भी इसके आयोजन ने छुटकारा दिलाकर न्याय दिलवाया है। उन्होंने कहा कि इस विधान के आयोजन से अजमेर में गंगा-जमुनी तहजीब बनी हुई है। एक ओर ख्वाजा साहब का उर्स, दूसरी ओर विश्व और मानव जाति की मंगल कामना के साथ शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान का फल अजमेर के लोगों को अवश्य मिलेगा। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि 8 दिवस तक चलने वाले इस विधान का समापन शोभायात्रा के साथ किया जाएगा।

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