निष्पक्षता और निडरता के पर्याय सिंधु रत्न न्यायाधिपति जी.आर.मूलचंदानी हुए सेवानिवृत्त

बतौर जिला न्यायाधीश के पहली पोस्टिंग भी हुई थी अजमेर और यहीं से बनकर गए थे राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति श्री जी.आर.मूलचंदानी आज सेवानिवृत्त हो गए हैं।लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चलते हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा उनके सम्मान में समारोह आयोजित नहीं किया जा सका।आपका जन्म उत्तरप्रदेश के बरेली शहर में 12 अप्रैल 1958 को हुआ था तथा 62 वर्ष की आयु पूरी हो जाने से आज आपको सेवानिवृति दी गई है।आपने एम.ए,एल.एल.बी व एल.एल.एम. की शिक्षा प्राप्त करने के बाद 1983 से वकालात का कार्य करना प्रारंभ किया था।उत्तरप्रदेश हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने के बाद आपने राजस्थान उच्चतर न्यायिक सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण की।आपने देश की सर्वोच्च अदालत में (सुप्रीम कोर्ट)रिट दायर कर अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़कर संघर्षशील व्यक्तित्व का परिचय दिया।और उसी के परिणामस्वरूप सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ही आपको राजस्थान न्यायपालिका में बतौर एडीजे के रूप में पहली नियुक्ति वर्ष 2002 में मिली और आप अजमेर जजशिप के एडीजे2 कोर्ट के जज बनकर आए।राजस्थान न्यायपालिका में बतौर जिला जज के रूप में नियुक्ति होने के बाद से आप निम्बाहेड़ा,कोटा,टोंक सहित कई स्थानों पर जिला जज के रूप में पदस्थापित होते हुए अजमेर जिले के जिला एवं सेशन न्यायाधीश बने।अजमेर जज शिप में जिला जज रहते हुए 11अप्रैल 2016 में आपका हाइकोर्ट में एलिवेशन हुआ।अजमेर में पहली पोस्टिंग होना और यहीं से हाईकोर्ट जज के रूप में आपका एलिवेशन होना,अजमेर जिले के ब्यावर शहर में आपके जीजाजी जो कि ब्यावर शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता ताराचंद शिवनानी आज भी प्रैक्टिस करते हैं।का होना,अजमेर व केकड़ी में रिश्तेदारी होना।आदि कारणों की वजह से आपका अजमेर जिले के प्रति विशेष स्नेह व आशीर्वाद रहा है।इसी के चलते आपका स्नेह,आशीर्वाद व मार्गदर्शन मुझे भी सदैव से ही मिलता रहा है।आपका कार्य के प्रति समर्पण,कार्य स्थल पर व्यवहार कुशलता व अनुशासन के अद्भुत संगम के साथ एवं कड़क अंदाज के साथ कार्य करना,पद की गरिमा के अनुरूप न्यायिक कार्य संपादित करना,सहित कई विशेषताएं आपके व्यक्तित्व में देखने को मिलती है।आपने राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधिपति रहते हुए कई लैंडमार्क जजमेंट्स दिए हैं जो राजस्थान की न्यायपालिका में मील का पत्थर साबित होंगे।आपकी कार्यशैली में बार व बेंच के मधुर संबंधों की ऊंचाइयां भी परिलक्षित होती रही है।हाल ही में आपने केकड़ी बार के आग्रह को स्वीकार करते हुए 9 फरवरी को बार एसोसिएशन केकड़ी के न्यायिक परिवार में बतौर मुख्य अतिथि के पधारकर केकड़ी के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है जिसे आने वाली पीढ़ी भी सदैव याद रखेगी।किन शब्दों से करूं आपका स्वागत…
*इत्र से कपड़ों को तो सभी महका लेते हैं।*
*आपके तो किरदार से भी खुशबू आती है*

डॉ.मनोज आहूजा एडवोकेट,
अध्यक्ष बार एसोसिएशन भिनाय जिला अजमेर(राज.)
पूर्व अपर लोक अभियोजक
9413300227

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