डिस्कॉम की जांच में खुलासा, इस सप्ताह 9.15 करोड़ जुर्माना

अजमेर, 20 जुलाई। अजमेर विद्युत वितरण निगम द्वारा बिजली चोराें के खिलाफ जारी अभियान में बड़ा खुलासा हुआ है। डिस्कॉम के अधीन 11 जिलों में कई होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, पैट्रोल पम्प, चिलिंग स्टेशन और मोबाइल टावर चोरी की बिजली से चलाए जा रहे थे। निगम ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। इस सप्ताह निगम ने 9.15 करोड़ का जुर्माना लगाया है। निगम बिजली चोरो से अब तक 53.98 करोड़ जुर्माना वसूल चुका है।

प्रबन्ध निदेशक को लगातार सूचना मिल रही थी कि विभिन्न जिलों में होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, चिलिंग प्लांट, मोबाइल टॉवर, कोल्ड स्टोरेज और पैट्रोल पम्प की बिजली चोरी हो रही है। निगम ने योजना बना कर इन पर छापा मारा तो बड़ी संख्या में बिजली चोरी सामने आई। अजमेर डिस्कॉम ने इस बार 4043 जगह बिजली चोरी पकड़ी है।

उन्होंने बताया कि निगम की ओ. एण्ड एम. व विजिलेंस शाखा के अलावा मीटर एण्ड प्रोटेक्शन शाखा, स्टोर शाखा व प्रोजेक्ट शाखा के अभियंताओं को भी प्रत्येक शनिवार को सतर्कता जांच करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह निगम के 976 इंजीनियरों ने 11 जिलों में 7929 परिसरों की जांच की। जिसमें 4043 जगह विद्युत चोरियाँ पकडी गई। निगम ने बिजली चोरों पर 9.15 करोड रूपये का जुर्माना लगाया है। डिस्कॉम की टीम को यह बडी सफलता मिली है।

श्री भाटी ने बताया कि डिस्कॉम की टीम में सबसे अधिक नागौर जिले के अभियंताओं ने 479 विद्युत चोरी के मामले पकडे जिन पर 98.51 लाख रूपये जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त अजमेर शहर वृत में 124, अजमेर जिलावृत में 89, भीलवाड़ा में 281, चित्तौड़गढ़ में 339, सीकर में 321, उदयपुर में 337, राजसमंद में 83, बांसवाड़ा में 148, डुंगरपुर में 116, प्रतापगढ़ में 99 मामले व झुंझनु में 379 मामलें विद्युत चोरी के बनाए गए। इसके अतिरिक्त निगम की एम. एण्ड पी विंग ने भी इस बार 319, प्रोजेक्ट विंग ने 84, स्टोर विंग ने 43 व विजिलेंस विंग ने 325 विद्युत चोरियां पकडी। इसके अतिरिक्त डिस्कॉम ने 477 जगह विद्युत के गलत इस्तेमाल के मामलें दर्ज किए जिसका 01.13 करोड़ रुपयों का जुर्माना लगाया गया।

प्रबन्ध निदेशक श्री वी.एस.भाटी ने बताया कि आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक गति दी जाएगी, जिससे विद्युत छीजत में कमी की जाकर सरकार के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। निगम ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक सात सप्ताह में 58945 जगहों पर छापे मारे। इनमें 28934 जगहों पर चोरी सामने आई। निगम ने इन चोरों पर अब तक 53.98 करोड़ जुर्माना लगाया है।

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