अजमेर जिला कांग्रेस कमेटी सीए प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष सीए विकास अग्रवाल व प्रदेश राजीव गांधी यूथ फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल गंगवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल को पत्र लिखकर निजी स्कूल संचालकों द्वारा लॉक-डाउन के दौरान बन्द रही अवधि की फ़ीस वसूलने का दवाब अभिवावकों पर बनाया जा रहा है और परेशान किया जा रहा है उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही अमल में लायी जाने की मांग करते हुए बताया कि इस प्रकार का कृत्य कतई न्यायसंगत नहीं है। गंगवाल व अग्रवाल ने लिखे पत्र में उल्लेख किया कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लोक-डाउन के दौरान व्यावसायिक गतिविधियां पूर्णतः बंद थीं जिससे अभिभावकगण वर्तमान में आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं और न ही किसी भी स्कूल की एडमिशन की प्रक्रिया में ऐसी कोई शर्त उल्लेखित हैं जिसमें ऐसा कोई उल्लेख हो कि महामारी के कारण यदि स्कूलें लगातार बन्द रहेगी तो बन्द रही अवधि का भी भुगतान अभिभावकों को करना पड़ेगा। गौरतलब है कि भारतीय संविदा अधिनियम 1872 के अनुसार भी पक्षकारों के मध्य संविदा के नियमों के तहत ही कोई भी व्यवहार किया जा सकता है ऐसे में इस प्रकार का कोई अनुबंद स्कूलों व अभिभावकों के मध्य नहीं हुआ है। लगभग 5 माह से बन्द रही समस्त शैक्षणिक संस्थायों के संचालक किसी भी आधार पर अभिभावकों से फीस वसूलने का हक नहीं रखते। दोनों नेताओं ने इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से विभागीय हस्तक्षेप कर समस्त शैक्षणिक संस्थानों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है और फीस वसूलने की आड़ में ऑनलाइन क्लासेज चला कर अभिभावकों औऱ छात्रों को बेवकूफ बनाने का जो खेल चल रहा है इसे भी तुरंत प्रभाव से रुकवाने की मांग की है।
सीए विकास अग्रवाल
पूर्व जिलाध्यक्ष
अजमेर जिला कांग्रेस कमेटी सीए प्रकोष्ठ
मो. 9829535678