
देवनानी ने कहा कि देश में 2019 में दर्ज महिलाओं के साथ दुष्कर्म के कुल 32 हजार मामलों में से राजस्थान में 6 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए है। इसी प्रकार वर्ष 2020 में अगस्त तक 8 माह में 3500 बलात्कार के मामले दर्ज हुए है । राजस्थान में हर दिन 16 से ज्यादा बलात्कार के मामले दर्ज होते है जबकि उत्तर प्रदेश में हर दिन 8 से ज्यादा मामले दर्ज होते है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े भाजपा के नहीं एनसीआरबी के है फिर भी कांग्रेस को हाथरस की बेटी पर हुआ अत्याचार तो नजर आ रहा है परन्तु राजस्थान की बेटियां नजर नहीं आ रही है। बलात्कार जैसे घिनौने अपराध के लिए अपराधी चाहे कहीं के भी हो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। यह नहीं कि यूपी में भाजपा की सरकार है इसलिए घटना का विरोध किया जाए और राजस्थान में यूपी से अधिक दुष्कर्म की घटनाओं पर भी मौन धारण कर ले।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के सिरोही में आदिवासी समाज की आठ वर्षीय बालिका के साथ जिसप्रकार दरिंदगीपूवर्क बलात्कार की घटना हुई है उसका जिक्र करने से ही हमारी रूह कांप उठती है। प्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति बेहद चिन्ताजनक है। मुख्यमंत्री गहलोत कांग्रेस आलाकमान को खुश करने के चक्कर में अन्य राज्यों की चिन्ता छोड़कर प्रदेश की चिन्ता करे। गृह मंत्री होने के नाते कानून व समस्त सुरक्षा व्यवस्था की सम्पूर्ण जिम्मैदारी भी उनकी ही बनती है।