बख्शीश सिंह ने कबीर की बानी का किया है हिंदी लिप्यांतर
हिन्दी व पंजाबी के प्रसिद्ध कवि बख्शीश सिंह की नयी कृति ‘झीनी-झीनी बीनी चदरिया‘ का आज शाम आॅनलाइन लोकार्पण पंजाबी भाषा विभाग पटियाला के पूर्व निदेशक डाॅ भगवन्त सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन सरदार गुरूदेव सिंह तथा रेवेन्यू बोर्ड पटियाला के पूर्व अध्यक्ष सरदार जोगन्दर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बतौर मुख्य अतिथि डाॅ भगवन्तसिंह ने कहा कि पूज्य गुरूग्रंथ साहिब में सम्मिलित संत कबीर के 298 पदों को बख्शीश सिंह ने गुरूमुखी से सरल हिन्दी में लिप्यांतर कर इस पुस्तक में संकलित किया है। सभी मूल पदो ंके अर्थ देते हुए विस्तृत भावार्थ भी दिया गया है। निश्चित ही यह पुस्तक हिन्दी भाषी लोगों को कबीर और उनके जीवनोपयोगी संदेश को समझने में उपयोगी सिद्ध होगी। उल्लेखनीय है कि यह 74 वर्षीय बख्शीश सिंह की 22वीं कृति है। इससे पूर्व इन्होंने भक्त नामदेव, भक्त रविदास, बाबा फरीद की वाणी का लिप्यांतर भी किया है, सस्ता साहित्य मंडल से प्रकाशित ये कृतियां देशभर में लोकप्रिय हुई हैं।