नगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियो सहित प्रारंभिक तैयारियां हुई तेज

केकड़ी 27 दिसंबर(पवन राठी)
शीघ्र होने वाले नगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई है। इस बार केकड़ी में पालिका अध्यक्ष पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने की वजह से ओबीसी वर्ग के लोगों में अधिक उत्साह देखने को मिल रहा है दोनों दलों कांग्रेस व भाजपा में करीब एक दर्जन से ज्यादा दावेदार ऐसे हैं जो पालिकाध्यक्ष बनने का सपना संजोए बैठे हैं। दोनों ही दलों के नेता चुनाव की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि दोनों ही दलों ने फौरी तौर पर पार्षद पद के उम्मीदवारों की तलाश शुरू कर दी है। भाजपा ने तो उम्मीदवार तय करने के लिए वार्डों में पर्यवेक्षक, संयोजक व प्रभारी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं कुछ दावेदारों ने तो टिकट पाने की जुगत के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति बनाना भी शुरू कर दी है। अंदरूनी कलह व धड़ेबाजी में उलझी भाजपा टिकट बंटवारे में कितनी सफल होगी कहना मुश्किल है। उधर कांग्रेस में अंदर ही अंदर क्या पक रहा है पता नहीं, मगर गत दिनों पंचायत चुनाव में मामूली अंतराल से पिछड़ने के बाद कांग्रेस नगर पालिका चुनाव को अपने हाथ से खोने देना नहीं चाहती। कांग्रेस इस बार केकड़ी व सरवाड़ नगर पालिका में अपना बोर्ड बनाने में पीछे नहीं रहेगी। हालांकि कांग्रेस में अभी पालिका चुनाव को लेकर कोई हलचल नजर नहीं आ रही। मगर कहा जा रहा है कि कांग्रेस चुनाव की घोषणा का इंतजार कर रही है, जैसे ही चुनाव की तारीख घोषित होगी वैसे ही वह पूरे दमखम व रणनीति के साथ चुनाव मैदान में होगी। इसी कड़ी में रघु शर्मा के पुत्र सागर शर्मा ने फीड बैक लेना भी शुरू कर दिया है जिससे की पंचायत राज चुनाव परिणामो की पुनरावृत्ति न हो सके।जिताऊ और निश्ठावान उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जा सके।राज्य में सत्ता में होने व हाल ही में राज्य के 12 जिलों के निकाय चुनाव के परिणाम उसके पक्ष में आने की वजह से कांग्रेस पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनाव मैदान में कूदने को तैयार है। कांग्रेस में पालिका चुनाव की बागडोर इस बार किसके हाथ में होगी या फिर कांग्रेस इस बार कमेटी बनाकर उसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी इस पर सबकी नजर है।हो सकता है राज्य में बनी चुनाव कमेटी की तर्ज पर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा कमेटी बनाकर चुनावी बागडोर उसे सौंप कर अपने पुत्र को भी सेफ रखने की रण नीति अपनाए क्योंकि गत दिनों पंचायत चुनाव की बागडोर युवा नेता सागर शर्मा के हाथ में थी मगर चुनाव परिणाम अनुकूल नहीं आने की वजह से इसकी ही प्रबल संभावनाएं है। खैर पंचायत चुनाव में हुई गलती कांग्रेस नहीं दोहराना चाहेगी, इसलिए यह माना जा रहा है कि नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस पूरी रणनीति के साथ चुनाव मैदान में होगी। अपनी राजनीतिक छवि को बरकरार रखने के लिए कांग्रेस को केकड़ी व सरवाड़ में पालिका चुनाव जीतना बेहद महत्वपूर्ण होगा। केकड़ी नगर पालिका में पिछले दशक से लगातार भाजपा का बोर्ड रहा है। केकड़ी में एक दशक से लगातार भाजपा का बोर्ड होने की वजह से इस बार भी भाजपा का यह प्रयास रहेगा कि बोर्ड पर कब्जा बरकरार रहे। पिछले लंबे समय से शहरी मतदाताओं का रुझान भाजपा के पक्ष में रहा है, इसलिए भाजपाई पालिका चुनाव को लेकर अति उत्साहित हैं। गौरतलब है कि नगरपालिका चुनाव को लेकर दोनों ही दलों कांग्रेस व भाजपा के पास कोई ऐसा ठोस मुद्दा नहीं जिसे लेकर वह मतदाताओं के बीच जाए। पिछले दो सालों से शहर की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। इस मामले में भाजपा नेताओं का कहना है कि भाजपा बोर्ड के कार्यकाल में शहर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य हुए हैं लेकिन दो साल पहले ज्योहीं कांग्रेस ने राज्य में सत्ता संभाली, शहर का विकास अवरुद्ध हो गया। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषता के चलते पालिका में ऐसे अधिकारी लगा दिए जिन्होंने पालिका में बजट होने के बावजूद कोई काम नहीं होने दिया। अब जब पालिका में भाजपा का कार्यकाल पूरा हुआ तो अधिकारियों की मनमानी चल रही है, निर्माण कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा बोर्ड का कार्यकाल किसी से छिपा नहीं है जिसमें जमकर मनमानी, अनियमितता व भ्रष्टाचार हुआ है जिसके प्रकरण अब भी न्यायालय में व एसीबी में विचाराधीन है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर के विकास के मुद्दे को लेकर हम मतदाताओं के बीच जाएंगे। उनका कहना है कि वर्तमान में करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। कुल मिलाकर नगर पालिका चुनाव आरोप प्रत्यारोपों के बीच काफी रोचक होने की उम्मीद जताई जा रही है फिलहाल हर किसी को चुनाव की घोषणा का इंतजार है।

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