सोफ़िया गर्ल्स कॉलेज अजमेर के तत्वावधान में मेकिंग इंडिया ए ग्लोबल स्पोर्ट्स पावर हाउस विषय पर दो दिवसीय नेशनल वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार के प्रथम दिन वेबिनार की सहसंयोजक कुमुद खत्री के द्वारा वेबीनार के विषय के संदर्भ में सभी को अवगत कराया गया। इसके पश्चात वेबीनार के संरक्षक डॉक्टर सिस्टर पर्ल ने कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता श्री आरडी सिंह जी जो भारत के पहले पैरालंपिक द्रोणाचार्य ओलंपिक है को अपना विषय के संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया। आरडी सिंह जी द्वारा सर्वप्रथम सभी उपस्थित श्रोताओं को खेलों में अधिक से अधिक भाग लेने तथा देश के लिए पदक लाने के लिए प्रोत्साहित किया इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार खेलों की तरफ अधिक ध्यान दे रही है तथा सरकार के द्वारा भी खेलों को बढ़ाने की दिशा में अधिक प्रयत्न किए जा रहे हैं सरकार के द्वारा बजट में भी बढ़ोतरी हुई है तथा राज्य सरकार भी प्रयत्नरत है।
टेक्निकल सेशन में सर्वप्रथम बोलते हुए शाहजी प्रभकरण ने खेलों में करियर के विषय में अपना व्यख्यान दिया। इसके पश्चात प्रोफेसर नीरा वर्मा विभागाध्यक्षा अर्थशास्त्र विभाग , कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी , हरयाणा के द्वारा भारत में खेलों पर जो खर्चा किया जा रहा है वह प्रशंसनीय है अथवा नहीं इस संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया वाकई में वर्तमान में सरकारों के द्वारा खेलों के संदर्भ में प्रयास किया जा रहा है वह काफी कम है क्योंकि उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि विभिन्न अन्य देशों में जो कि ओलंपिक में खेलों की पदक की दौड़ में सबसे आगे रहते हैं उनके मुकाबले में भारत में जो खेलों पर खर्चा किया जाता है वह बहुत ही कम है
इसके पश्चात श्री अनिल रामचंद्रन एसोसिएट प्रोफेसर कन्नूर यूनिवर्सिटी केरला द्वारा युवाओं द्वारा खेलों को छोड़ने के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किया उन्होंने बताया कि क्या कारण है कि युवा एक अच्छा खेल करियर को छोड़कर अन्य करियर की तरफ भाग रहे हैं।
श्री बबलू मारिक योगा के गुरु द्वारा किस तरह से खेलो में कब होते रुझान को बदला जाए इस संदर्भ में बताया गया उन्होंने कई उदाहरण भी दिए किस तरह से अलग अलग देशों में कम होते रुझान को देखते हुए उन्होंने कई प्रयत्न किए।
इस तरह प्रथम दिन के सभी व्याख्यान खत्म होने के पश्चात कार्यक्रम की संयोजक शाहिना शेरानी द्वारा सभी उपस्थित वक्ताओं का धन्यवाद अर्पण किया गया तथा इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए धनयवाद ज्ञापित किया I
अगले दिन के कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम के सचिव डॉक्टर सिस्टर रानी ने की। प्रथम वक्त के रूप में बोलते हुए राजीव चौधरी डीन स्टूडेंट वेलफेयर पंडित रवी शुक्ला यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ द्वारा भारत में किस तरह से खेलों की संस्कृति को बढ़ाया जाए इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अगले वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ जयश्री आचार्य एल एन आई पी ग्वालियर ने बताया कि किस तरह से खेलो में हो रहे शोषण से खिलाड़ियों के दिमाग पर विपरीत प्रभाव पड़ता है व इसके और क्या दुष्परिणाम है
इसके पश्चात श्री राजेश सोबती डायरेक्टर स्पोर्ट्स कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी हरियाणा नीड फॉर डबल गोल कोचिंग के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करें। कार्यक्रम के अंत में प्रमुख वक्ता के रूप में बोलते हुए दीपा मलिक अर्जुन अवॉर्डी राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड , जो की सोफिए कॉलेज की भूतपूर्व छात्र भी है , ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में बताया कि किस तरह अनेक कठिनाइयों के बावजूद व शारीरिक विषमता के बावजूद खेलो ने उनके अंदर आत्मविश्वास को बढ़ाया तथा उन्हें ओलंपिक जैसे खेल में पहुंचने तथा वहां पर अपना एक अलग मुकाम बनाने में मदद करी
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष दिव्या मिश्रा द्वारा किया गया .
वेबिनार का संचालन कुमुद खत्री द्वारा किया गया।
Kumud Khatri
Assistant Professor
Department of Economics
Sophia Girls’ College, Ajmer