दिनांक 02.02.21। जिला प्रमुख श्रीमती सुषील कंवर पलाडा द्वारा राजकीय अवकाष के बाद एक बार फिर अपने कक्ष में जनसुनवाई कर ग्रामीणो को राहत पहुचाने का प्रयास किया गया। जनसुनवाई में उपजिला प्रमुख श्री हंगामीलाल जी चैधरी, दिनेष कुमार टांक जिला परिषद सदस्य, पूर्व जिला परिषद सदस्य श्री नन्दाराम चैधरी, सेवानिवृत आरएएस श्री सुरेष सिंधी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर श्री परषुराम धानका, अति0 मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर श्री मुरारी लाल वर्मा, उपनिदेषक महिला एवं बाल विकास श्री हेमन्त स्वरूप माथुर, उपनिदेषक समाज कल्याण विभाग श्रीमती अंजना शुभम, उपनिदेष उद्यान के पी सिह,एवं विकास अधिकारी भिनाय श्री बुद्धराज कुमावत, विकास अधिकारी पीसंागन श्री विजय सिंह, विकास अधिकारी श्रीनगर श्री मधुसूदन, विकास अधिकारी मसूदा राजीव तोमर, सहित अन्य अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों में जिला प्रमुख श्रीमती सुषील कंवर पलाडा को सहायक विकास अधिकारी संघ जिला शाखा अजमेर के अध्यक्ष श्री रामनिवास प्रजापति, प्रवक्ता श्री मुकेष कांकाणी, अन्य पदाधिकारी श्री श्यामलाल चचावा, महेन्द्र मालाकार, जमील अहमद, पुरषोत्तम चैहान, अति. विकास अधिकारी श्री रघुवीर सिंह ने ज्ञापन प्रस्तुत किया कि जिले की 04 पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण, सावर, भिनाय एवं जवाजा में विकास अधिकारी के पद रिक्त चल रहे है रिक्त पदो पर अन्य पंचायत समितियों के विकास अधिकारीयांे को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है इससे पंचायत समितियों के कार्याे का संचालन एवं विकास कार्याे का माॅनिटरिंग नहीं हो पा रही है नरेगा कार्यो का विधिवत संचालन व निरीक्षण भी नहीं हो रहा है। संघ द्वारा उक्त स्थितियांे के संबंध में निवेदन किया कि रिक्त पदों पर सरकार के निर्देषानुसार पंचायत समिति में उपलब्ध सहायक विकास अधिकारी को लगाने के आदेष जारी करावें। प्रकरण में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री परषुराम धानका व अति0 मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मुरारी लाल वर्मा से चर्चा की गई जिस पर जिला संघ की मागों को जिला प्रमुख द्वारा न्यायोचित व सैद्धान्तिक पाया गया। ग्राम पंचातय फतेहगढ सरपंच रूकमा देवी ने नरेगा में भष्टाचार के होने के संबंध में जिला प्रमुख श्रीमती सुषील कंवर पलाडा को अवगत कराया जिस पर जिला प्रमुख द्वारा तत्काल ही संज्ञान लेते हुऐ विकास अधिकारी सरवाड श्री मनोहर लाल शर्मा को मौका जांच कर तत्काल ही प्रकरण निस्तारित करने हेतु निर्देषित किया गया। विकास अधिकारी सरवाड द्वारा मौके षिकायतकर्ता सरपंच व श्रमिको की उपस्थिति मंे मस्ट्रोल जांच कर मेट व श्रमिको के भुगतान की कार्रवाही करते हुऐ प्रकरण निस्तारित किया गया। जिला प्रमुख द्वारा स्पष्ट निर्देष प्रदान किये गये कि जिले में भष्टाचार किसी भी सूरत में बदार्ष योग्या नही है। इसी क्रम में लीला देवी पारिक, आगंनवाडी कार्यकर्ता, भावसा पंचायत समिति अंराई के द्वारा जिला प्रमुख के समक्ष जनसुनवाई में उपस्थित होकर निलम्बन बहाल की अपील की गई कि दिनांक 11.12.20 को पुत्री का विवाह होने के कारण कार्यालय में उपस्थित नही हो पाई थी किन्तु अवकाष हेतु प्रार्थना पत्र भिजवा दिया गया था प्रार्थना पत्र कार्यालय में देरी से पहुचा। उसी दिन उपनिदेषक, महिला बाल विकास विभाग, श्री हेमन्त स्वरूप माथुर द्वारा औचक निरीक्षण करने पर प्रार्थिया अनुपस्थित पाई गई और उपनिदेषक द्वारा प्रार्थीया को निलम्बित कर दिया गया। जिला प्रमुख द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर श्री परषु राम धानका को प्राप्त परिवेदना पर नियमानुसार कार्रवाही करते हुऐ प्रकरण को निस्तारित करने के निर्देष प्रदान किये है।
इसी क्रम मेें जिला परिषद अजमेर कार्यालय की 04, सार्वजनिक स्वास्थय एवं इंजीनियरिंग विभाग की 08, जिला चिकित्सा अधिकारी से संबंधित 09, अजमेर विद्युत वितरण लिमि0 से संबंधित 06, जिला षिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक से संबधित 02, सामाजिक अधिकारीता विभाग की 07 महिला एवं बाल विकास विभाग की 05 परिवेदना प्राप्त हुई जिस पर जिला प्रमुख ने संबंधित अधिकारियो को तत्काल निस्तारण हेतु निर्देषित किया।
कर्ण सिह जोधा