बच्चों में पैर पसारते कोरोना संक्रमण को देखते हुए उठाए जाएं सभी जरूरी कदम

-विधायक देवनानी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा पत्र
-राज्य में बच्चों में पैर पसारते कोरोना संक्रमण को देखते हुए उठाए जाएं सभी जरूरी कदम
-यदि सरकार ने समय रहते उपाय नहीं किए तो गंभीर हो सकती है स्थिति
-ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को वैक्सीनेशन के लिए केंद्र बढ़ाएं, पर्याप्त मात्रा में हो वैक्सीन की सप्लाई

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 24 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उŸार वासुदेव देवनानी ने कहा है कि सरकार को बच्चों पर कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे राज्य में सभी सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में बच्चों के लिए नए वार्ड बनाने, वार्डों में बेड्स की संख्या बढ़ाने और सभी जरूरी चिकित्सा उपकरण की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि सरकार को 18 से 44 वर्ष उम्र तक युवाओं के वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टेªशन के अलावा वैकल्पिक व्यवस्था करने, वैक्सीनेशन केंद्र बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की सप्लाई बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में बच्चों पर कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। चार-पांच जिले इसकी चपेट में आ चुके हैं, जहां बच्चों पर कोरोना का असर दिखाई दिया है। ऐसे में यह स्थिति प्रदेशवासियों के लिए बहुत ही चिंताजनक है। यदि सरकार ने अभी से कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो स्थिति बहुत गंभीर होने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए सरकार को सभी सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में नए वार्ड बनाने, बेड्स की संख्या बढ़ाने तथा जरूरी चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए तुरंत प्रभाव से प्रस्ताव मांग कर कार्यवाही शुरू कर देनी चाहिए।
कहीं कोई कमी भारी ना पड़ जाए
देवनानी ने कहा कि वैसे तो डाॅक्टर्स और मेडिकल स्टाफ कोरोना संक्रमण से ग्रस्त लोगों का जीवन बचाने के लिए जुटे हुए हैं, लेकिन यदि कहीं भी थोड़ी-सी कमी रहने या कोई अव्यवस्था होने से कहीं ऐसा ना हो कि कोई बड़ी परेशानी पैदा हो जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में देश और प्रदेश ने बड़ी संख्या में युवाओं को खोया है, जिसकी भरपाई किसी भी सूरत में संभव नहीं है। इसलिए सरकार को बच्चों पर बढ़ते असर को देखते हुए अभी से सावचेत होकर सभी माकूल बंदोबस्त करने चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन नहीं होने से बढ़ रहा है असंतोष
देवनानी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 18 से 44 वर्ष उम्र के युवा वर्ग को वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम शुरू किया गया है, किंतु वैक्सीन डोज की मात्रा कम आने की वजह से या अन्य कारणों से वैक्सीन केंद्र बहुत कम बनाए गए हैं। जो केंद्र बनाए गए हैं, उन सभी में आॅनलाइन बुकिंग की सुविधा दी गई है। उन्होंने पत्र में मुख्यमंत्री का इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया है कि अजमेर सहित पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों की बड़ी संख्या वैक्सीनेशन से वंचित है, जिसके कारण अप्रैल और मई में ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी काफी विकराल रूप ले चुकी है। इन लोगों को आॅनलाइन बुकिंग करना या कराना नहीं आता है, ना ही इनके पास इसकी सुविधा उपलब्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर वैक्सीनेशन नहीं होने की वजह से इनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है, जो कभी भी कानून-व्यवस्था को ध्वस्त कर सकता है।
आॅनलाइन रजिस्टेªशन के अलावा वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए
देवनानी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत युवा वर्ग को वैक्सीनेशन के लिए आॅनलाइन रजिस्टेªशन के अलावा कोई वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत की जाए, वैक्सीनेशन के केंद्र बढ़ाए जाएं तथा वैक्सीन डोज की मात्रा बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके। पत्र में कहा गया है कि जिन केंद्रों पर वैक्सीनेशन हो रहा है, उस केंद्रों के आसपास के लोगों को भी वैक्सीन लगे। इसके लिए जिस प्रकार की व्यवस्था में बदलाव करना हो, उसे तत्काल किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग सके।
आॅक्सीजन प्लांट चलाने के लिए लगाए जाएं तकनीशियन
-प्लांट संचालन का जिम्मा नर्सिंग स्टाफ के हवाले करना ठीक नहीं
-कहीं ऐसा न हो कि फिर आॅक्सीजन बाधित होने से बड़ी समस्या पैदा हो जाए

अजमेर, 24 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उŸार वासुदेव देवनानी ने कहा है कि जिला प्रशासन, चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग और नेहरू अस्पताल प्रशासन को आॅक्सीजन प्लांट संचालित करने के लिए तकनीशियनों की व्यवस्था करनी चाहिए।
देवनानी ने कहा कि नेहरू अस्पताल और राजकीय सैटेलाइट अस्पताल में आॅक्सीजन प्लांट लग चुके हैं, लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए तकनीशियनों की व्यवस्था नहीं की गई है। संचालन नर्सिंग स्टाफ के हवाले है, जो तकनीकी रूप से जानकार नहीं हैं। कहीं ऐसा ना हो कि कभी गंभीर स्थिति में तकनीशियनों के अभाव में प्लांट चल नहीं पाएं और मरीजों के साथ कोई बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाए। इसलिए प्रशासन को तुरंत प्रभाव से, चाहे जैसे भी हो, आॅक्सीजन प्लांट संचालित करने के लिए चैबीसों घंटे तकनीशियनों की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले नेहरू अस्पताल में पाइप लाइन से आॅक्सीजन सप्लाई में बाधा आने के कारण दो मरीजों की असमय मृत्यु हो गई थी। इस घटना से प्रशासन को सबक लेते हुए व्यवस्था में सुधार करने की तरफ तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों और मेडिकल स्टाफ के काम करने के बाद भी इस तरह की घटनाओं से उनके खिलाफ लोगों में आक्रोश पैदा होता है। इसलिए प्रशासन को यह प्रयास करने चाहिए कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो और लोगों के आक्रोश का सामना नहीं करना पड़े।

गायों को चारा खिलाया
देवनानी ने सोमवार को पंचशील स्थित कांजी हाउस और लोहागल रोड स्थित गौशाला पहुंच कर गायों को एक टैम्पो चारा खिलाया। उन्होंने कांजी हाउस में अधिकारियों व कर्मचारियों से गायों के रखरखाव व अन्य जानकारियां भी लीं। साथ ही लोहागल गौशाला के संचालकों से भी विस्तार से जानकारी ली। देवनानी का कहना है कि लाॅकडाउन के कारण आमजन की आवाजाही बंद है, ऐसे में गायों को अब चारा मिलना मुश्किल हो गया है। इसी स्थिति को देखते हुए वे अपने स्तर पर गायों को चारा उपलब्ध कराते हैं।

error: Content is protected !!