“हर वार्ड मे, स्वास्थ्य केन्द्र या मिनी असपताल “

1. सामुदायिक भवन या अन्य कोई भी चिह्नित स्थान को स्वास्थ्य केन्द्र या मिनी असपताल में तब्दील कर दिया जाये । जब तक तीसरी लहर का खतरा हम सब पर मंडरा रहा है।
2. नगर निगम व प्रशासन अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए इस हेतु एक कमेटी का गठन करें । जो अपने सुझाव व संसाधनों की सूची प्रदान करें फिर चिकित्सा विभाग की मदद से इस कार्य को बखुबी अंजाम दिया जा सके ।
3. उसी वार्ड के रहने वाले चिकित्सक व करोना वोरियर की एक सूची बनाई जा सकती है । जो समय समय पर अपनी सेवाएँ अपने वार्ड वासियो को दे पाये ।
4. हर मिनी असपताल को निकटतम CHC से जोडा जाये । व उस CHC का उस पर पूरा नियंत्रण रहे ।
5. जांच व सैम्पलिंग उसी मिनी असपताल में हो सके ।
6. उस वार्ड के भामाशाह व सामाजिक संस्थाओं से भी मदद ली जा सकती है
7. मरीजों की काउंसिल का सेल भी वहीं बनाया जा सकेगा ।
8. आक्सीजन बैड व आइसोलेशन की सुविधा वहां पर हो ।
9. हर पार्षद उस मिनी अस्पताल का कार्य संभालें पर अपने वार्ड वासियों को संगठित तरीके से राहत पहुंचा सके ।
10. आर्दश वार्ड की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है इन कदमों से ।
यदि इस योजना पर काम हो पाये तो बडे असपताल पर बोझ कम हो पायेगा और वहां गंभीर व अत्यंत गंभीर मरीजों को बचाया जा सकेगा । और सभी को अच्छा इलाज मुहैया करवा पायेंगे ।
भविष्य की सोच रखने वाले युवा नेता बलराम हरलानी ने पूर्व में परियावरण संरक्षण के लिये मुहिम चला हुई थी । वे कहते हैं कि समाज को आज की सोच में नहीं बल्कि एक मजबूत भविष्य के निर्माण की योजनाओं पर आज से ही काम करना चाहिए।
बलराम हरलानी ने कहा कि सभी को करोना गाइडलाइन का पालन सख्ती से करते रहना चाहिए जैसे दो गज दूरी, सोशल डिस्टेट मैंटैन करना, नियमित रूप से योगा करना आदि
इस तरह की महामारी को या किसी भी प्राकृतिक आपदा को हम योजना बना कर ही कम कर सकते हैं ।