आदत में परिष्कार के लिए पर्युषण पर्व बहुत उपयोगी – मुनि संजय कुमार दिवेर

दिनांक 25 अगस्त 2022 युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञा अनुवर्ती मुनि श्री संजय कुमार जी के पावन सानिध्य में पर्यूषण पर्व का दूसरा दिन स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया गया! मुनि श्री संजय कुमार जी ने कहा आदत को सुधारना है तो पर्युषण पर्व है मनुष्य को तपस्या के माध्यम से केवल अवधारिक शरीर को ही नहीं कार्बन शरीर को भी पतला और कमजोर बनाना चाहिए! जब तक कार्बन शरीर पतला नहीं होगा बाहर की तपस्या ज्यादा उपयोगी नहीं रहेगी!पर्यूषण पर्व के माध्यम से हमें शुद्धि और सिद्धि दोनों पर ध्यान देना चाहिए!
इस अवसर पर मुनि प्रकाश कुमार जी ने भगवान महावीर स्वामी की अध्यात्म यात्रा की चर्चा करते हुए उनके पूर्व जन्म की जीवन झांकी सुंदर ढंग से प्रस्तुत की उन्होंने कहा भगवान महावीर स्वामी ने नयसार के भव में संबोधी को प्राप्त किया था! और उन्होंने अपने पुरुषार्थ और ध्यान के द्वारा कर्मों की निर्जरा की!
मुनि धैर्य कुमार जी ने कहां स्वाध्याय के माध्यम से जहां एक और आंतरिक उज्ज्वला को प्राप्त कर सकते हैं ,वहीं दूसरी ओर ज्ञान की भी प्राप्ति होती है!
मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी ने कहा स्वाध्याय से जीव ज्ञान के आवरण को दूर करता है! वाचना, पूछना,परिवर्तना, अनुप्रेक्षा, और धर्म कथा स्वाध्याय के प्रकार है! स्वयं का अध्ययन करना ही स्वाध्याय है, इस अवसर पर तेरापंथ महिला मंडल ने सुमधुर गीत का संगान किया!अनेक लोगों ने उपवास, बेला,पोषद आदि की धर्म आराधना की!
तेरापंथ समाज की ओर से नमस्कार महामंत्र का अखंड जप व्यवस्थित चल रहा है! श्रमणउपासक शिविर में प्रातः 6:30 बजे योग के प्रयोग कराए गए ! दोपहर को मुनि श्री प्रकाश कुमार जी द्वारा ध्यान साधना के विशेष प्रयोग कराये! दोपहर को 3:00 बजे मुनि सिद्ध प्रज्ञ द्वारा सर्वांगीण विकास की उपाय बताए गए हैं! मुनि धैर्य कुमार जी ने तत्व ज्ञान का प्रशिक्षण दिया! इस अवसर पर बैंगलोर,मुंबई,चेन्नई,छापली, लामबॉडी आदि क्षेत्रों से श्रद्धालु जन उपस्थित हुए!
तेरापंथ सभा के मंत्री बाबूलाल जी लोढा ने सभी का भाव भरा स्वागत किया!
प्रेषक ललित लोढा अध्यक्ष,मित्र परिषद मुंबई!

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