राज्य स्तरीय निर्णय लेखन कार्यशाला का समापन शुक्रवार को

मंडल की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं के प्रतिभागी होंगे सम्मानित
अजमेर, 24 नवम्बर। राजस्व मण्डल की ओर से आयोजित त्रिदिवसीय राज्य स्तरीय निर्णय लेखन कार्यशाला का समापन समारोह शुक्रवार को मंडल अध्यक्ष श्री राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में होगा।
मंडल निबंधक महावीर प्रसाद ने बताया कि समापन समारोह में राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों के लिये आयोजित सर्वश्रेष्ठ निर्णय प्रतियोगिता-2021 एवं 2022 एवं राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिये आयोजित राज्य स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता के विविध श्रेणी में चयनित प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जायेगा।
प्रविष्टियों के मूल्यांकन आधार पर सर्वश्रेष्ठ निर्णय में राज्य स्तर पर 2021 के लिये तत्कालीन संभागीय आयुक्त कोटा कैलाश चंद मीणा, तत्कालीन अतिरिक्त संभागीय आयुक्त उदयपुर एलएन मंत्री तथा तत्कालीन राजस्व अपील अधिकारी नागौर श्रीमती कमला अलारिया की प्रविष्टि चयनित हुई। वहीं 2022 के लिये बीकानेर के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त एए गौरी व कोटा के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री अनुराग भार्गव की प्रविष्टि का चयन हुआ।
इसी प्रकार संभाग स्तर पर चयनित प्रविष्टियों में अजमेर संभाग के लिए तत्कालीन जिला कलेक्टर नागौर डा. जितेंद्र कुमार सोनी, भरतपुर संभाग के लिए तत्कालीन जिला कलेक्टर करौली सिद्धार्थ सिहाग, बीकानेर संभाग के लिए तत्कालीन जिला कलेक्टर बीकानेर नमित मेहता, गंगानगर जिला कलक्टर श्रीमती रुक्मणि रियार सिहाग, जयपुर संभाग के लिए तत्कालीन जिला कलेक्टर झुंझुनूॅं यूडी खान, जोधपुर संभाग के लिए तत्कालीन जिला कलक्टर सिरोही भगवती प्रसाद, उदयपुर संभाग के लिए तत्कालीन जिला कलेक्टर चेतन राम देवड़ा तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन चित्तौड़गढ़ रतन कुमार की प्रविष्टि का चयन किया गया।
जिला स्तर पर चयनित प्रविष्टियों में अलवर जिले से उपखंड अधिकारी राजगढ़ केशव कुमार मीणा, भीलवाड़ा जिले से उपखंड अधिकारी रायपुर सुंदरलाल बंबोड़ा, बूंदी जिले से उपखंड अधिकारी नैनवा श्योराम, चित्तौड़गढ़ जिले से तत्कालीन सहायक कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारी भूपालसागर सुखाराम पिंडेल, दौसा जिले से सहायक कलेक्टर दौसा सुश्री मनीषा, जयपुर जिले से सहायक कलेक्टर जयपुर प्रथम अरशदीप बरार, झुंझुनूॅं जिले से तत्कालीन उपखंड अधिकारी झुंझुनूॅं राजपाल यादव, नवलगढ़ सहायक कलक्टर दमयंती कंवर, नागौर जिले से तत्कालीन सहायक कलेक्टर मुख्यालय रामजस बिश्नोई, सवाई माधोपुर जिले से उप जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गंगापुर अनिल कुमार चैधरी तथा गंगानगर जिले से उपखंड अधिकारी एवं पदेन सहायक कलेक्टर गंगानगर उम्मेद सिंह रतनू, कोटा जिले से कनवास उपख्ंाड अधिकारी राजेष डागा के निर्णय को सर्वश्रेष्ठ निर्णय के रूप में चयनित किया गया।
निबंध लेखन प्रतियोगिता-
भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग से प्रथम स्थान पर करौली जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग की प्रविष्टि रही। राजस्थान प्रशासनिक सेवा संवर्ग से बीकानेर के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त एए गौरी व अनूपगढ़ उपखंड अधिकारी पवन कुमार प्रथम, अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन बीकानेर बीआर भोजक द्वितीय तथा पुष्कर उपखंड अधिकारी सुखाराम पिंडेल तृतीय स्थान पर रहे। इसी प्रकार राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी संवर्ग से प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी महेश गिरी गोस्वामी व राजस्व मंडल भू अभिलेख शाखा के वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार खिचड़ प्रथम, सेवानिवृत्त आरटीएस गिरवर सिंह राठौड़ व उपखंड कार्यालय रायसिंहनगर के वरिष्ठ सहायक अटल चुघ द्वितीय रहे। अधिवक्ता संवर्ग से सुमेरपुर-पाली से तरुण कुमार त्रिवेदी व गंगानगर से रणजीत सारड़ीवाल प्रथम, अजमेर राजस्व मंडल से मूलचंद शर्मा द्वितीय तथा विजय कुमार सोनी व सूरतगढ़ से संजय कुमार चांडक तृतीय रहे। आम नागरिक संवर्ग से चयनित प्रविष्टियों में हरसोर-नागौर के मनोहर पुरी व कोटा से हरिशंकर प्रथम, नीर झरना-दौसा से आलोक कुमार मीणा को द्वितीय तथा ग्राम रताऊ-नागौर से उषा खिलेरी की प्रविष्टि को तृतीय स्थान मिला।

कार्यशाला के दूसरे दिन विषय विशेषज्ञों ने किया संबोधित
राजस्व मण्डल द्वारा आरआरटीआई में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में दूसरे दिन गुरुवार को राजस्व मण्डल के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को समन जारी करने एवं अस्थाई निषेधाज्ञा से सम्बद्ध अवधारणाओं के बारे में जानकारी दी तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया।
द्वितीय सत्र में पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश हरिसिंह आसनानी ने न्याय संगत प्रक्रिया, स्पीकिंग आदेश की आवश्यकता एवं नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्तों और उच्चतम न्यायालयों द्वारा पारित विभिन्न निर्णयों में दी गई व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
तीसरे सत्र में सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी अनिल कुमार वाष्र्णेय ने निर्णय लेखन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को रेखांकित किया। चौथे सत्र मे सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी नरेन्द्र सिंह चौहान ने राजस्व न्यायालयों में नामान्तरण प्रक्रिया की जानकारी दी।

25 नवंबर को प्रातः कालीन सत्र में अधिवक्ता घनश्याम सिंह लखावत राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 के तहत धाराओं एवं अपील रेफरेंस व निगरानी नजरसानी विषय पर चर्चा करेंगे दोपहर 12:00 पूर्व न्यायाधीश एच एस यू असनानी निर्णयों की गुणवत्ता पर सुझाव रखेंगे. इसी प्रकार दोपहर 2:30 से 3:45 तक मंडल सदस्य सुरेंद्र कुमार पुरोहित निर्णय लेखन व राजस्व न्यायालयों में सीपीसी प्रावधानों पर चर्चा करेंगे इसके पश्चात शाम 4:00 बजे प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम होगा. इससे पूर्व 23 नवंबर को मध्यान्ह सत्र में मंडल सदस्य खजान सिंह ने काश्तकारी अधिनियम 1955 तथा अपराध सत्र में सदस्य सुरेंद्र माहेश्वरी ने गुणवत्तापूर्ण निर्णय एवं सदस्य रामनिवास जाट ने भू राजस्व अधिनियम 1956 व काश्तकारी अधिनियम 1955 के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला.

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