वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर जी महाराज का आज 28 वा समाधि दिवस भक्ति भाव से मनाया गया इस अवसर परगणिनी आर्यिका 105 यशस्विनी माताजी संसघ* के सानिध्य में वात्सल्य रत्नाकर विधान महामंडल की पूजन की गई प्रातः 7:30 विधान प्रारंभ हुआ प्रतिष्ठाचार्य कुमुद चंद सोनी के निर्देशन में विधान पूर्ण हुआ पंडित धन्य कुमार शास्त्री ने भी सहयोग प्रदान किया निर्मल गंगवाल ने संगीत के साथ पूजन कराई
विजय कुमार जी विपिन जी पहाड़िया कुचामन सिटी विधान पूजन का पुण्याअर्जन प्राप्त किया श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जागृति मंच के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में माताजी ने आचार्य विमल सागर जी महाराज के बारे में बताते हुए कहा ऐसा निराला संत इस धरती पर हर बार जन्म नहीं लेता आचार्य विमल सागर जी महाराज ने जैन संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है संपूर्ण जीवन जैन सिद्धांतों को पालन कर कर धर्म की महिमा को पूरे विश्व तक पहुंचाया है सम्मेद शिखर तीर्थ पर गुरुदेव ने अनेक निर्माण कार्य करवाएं आचार्य विमल सागर जी महाराज का नाम अमर रहेगा जब जब भी दिगंबर संतो की बात होगी आचार्य विमल सागर जी महाराज का नाम सर्वोच्चता के साथ लिया जाएगा आचार्य श्री के प्रति प्रदीप पाटनी सुनील जैन होकरा आदि ने भी अपने विनय भाव प्रस्तुत किए
संध्या काल 108 दीपक से आचार्य विमल सागर जी महाराज की आरती की गई उसके पश्चात आचार्य विमल सागर जी महाराज के जीवन वृतांत पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सुषमा पांडे मोना लुहाडिया विनीता पाटनी ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम को आयोजित किया
आज के महोत्सव में कैलाश चंद सेठी महावीर अजमेरा मीना शाह मंजू लता गोदा अशोक अजमेरा विपिन चांदीवाल सुनील पालीवाल माणक बड़जात्या महेश गंगवाल आदि उपस्थित थे