बार एसोसियन केकड़ी ने भी वर्क सस्पेंड कर बंद को दिया समर्थन
सभी संगठनों ने दिया बंद को समर्थन
केकड़ी 21 दिसम्बर(पवन राठी)श्री शास्वत सम्मेद शिखर को केंद्र सरकार द्वारा पर्यटन स्थल घोषित करने से आक्रोशित जैन समाज के बुधवार को भारत बंद के तहत केकड़ी में भी बंद का आह्वान जैन समाज द्वारा किया गया था जो पूर्ण सफल रहा।
बंद को केकड़ी के सभी व्यापारिक संगठनों सहित अनेको सामाजिक एवम धार्मिक संगठनों ने समर्थन दिया।
बार एसोसियन ने वर्क सस्पेंड कर दिया बंद को समर्थन
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बार एसोसियन केकड़ी ने सभी न्यायालयों में वर्क सस्पेंड करके जैन समाज के बंद को समर्थन प्रदान किया।
बुधवार को केकड़ी के सभी बाजार वीरान नजर आए।
जैन समाज द्वारा बंद के तहत नगर मौन जुलूस निकाला गया जिसमे महिला पुरुषों एवम बच्चो ने हाथों में सम्मेद शिखर बचाओ की तख्तियां ली हुई थी।जुलूस घंटाघर पंहुच आम सभा मे परिवर्तित हो गया।
आम सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं जितेंद्र सिंह सिंघवी प्रोफेसर के सी जैन अनिल मित्तल सुभाष कटारिया व कैलाश चंद सोनी आदि ने कहा कि विगत 2 अगस्त 2019 को तत्तकालीन झारखंड सरकार की अनुशंषा पर केंद्र सरकार ने जैन समाज के पवित्र तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर को वन्य जीव अभ्यारण्य घोषित कर पर्यावरण पर्यटन और अन्य गैर धार्मिक गतिविधियों के लिए अधिसूचना जारी की है।जिससे जैन समाज मे गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया।उक्त अधिसूचना को तत्त्काल वापस लेने की मांग 17 मार्च 2022को केंद्रीय वन मंत्रालय और झारखंड सरकार से करने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नही की जिससे समाज मे आक्रोश गहराता ही जा रहा है।
विश्व जैन संगठन ने26 मार्च 6 जून और 2 अगस्त को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था फिर भी कोई कार्यवाही नही की गई। 24 मार्च2022 को राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग द्वारा भी झारखंड सरकार को पत्र लिखा उसके बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नही होने पर आक्रोशित जैन समाज द्वारा देश व्यापी बंद का आह्वान किया था।
वक्ताओं का कहना रहा कि श्री सम्मेद शिखर समाज के 20 तीर्थंकरों सहित अनेक संतो की मोक्ष स्थली है।यदि तीर्थ नही बचेंगे तो संस्कार कैसे बचेंगे।
अतः जैन समाज की मांग है कि समाज के वंदनीय पूजनीय श्री सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल की सूची से बाहर निकाल कर धार्मिक स्थल घोषित किया जावे।इसके लिए सम्मेद शिखर को वन्य जीव अभ्यारण्य को पर्यटन व पर्यावरण के लिए घोषित इको सेंसेटिव जॉन से बाहर निकाल कर धार्मिक स्थल घोषित किया जाए।
आम सभा का संचालन महावीर टोंग्या ने किया।इस अवसर पर जैन समाज के सैंकड़ों महिला पुरुष महिलाएं एवम बच्चे उपस्थित रहे।