सिंध विभाजन विभीषिका दिवस पर सिंधी फिल्म “आखरी रेल“ का हुआ प्रदर्शन

अजमेर 13अगस्त। भारत पाकिस्तान विभाजन के साथ ही हुए सिंध के विभाजन की विभीषिका के दिवस पर रविवार को मृदंग सिनेमा हाल में सिंधी फिल्म “आखिरी रेल“ का प्रदर्शन हुआ।सिंधी संगीत समिति की और से फिल्म का प्रदर्शन अगले दो दिनों तक निशुल्क रखा गया है। फिल्म प्रदर्शन का उदघाटन समिति के संरक्षक और विधायक वासुदेव देवनानी ने किया। इस मौके पर फिल्म के निर्माता सहित साहित्यकार कमला गोकलानी, सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय के सिंधी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष हासो दादलानी मोजूद रहे। इस फिल्म के जरिए सिंधी समाज के युवाओं को विभाजन विभीषिका के दर्द को साझा करने का प्रयास किया गया है।
विधायक वासुदेव देवनानी ने बताया कि इस फिल्म की पूरी कहानी विभाजन के दौरान सिंध से लेकर अजमेर तक की यात्रा पर आधारित है और इस दौरान सिंधी समाज के दर्द को साझा किया गया है। भारत पाकिस्तान विभाजन के दौरान पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत के लिए आखिरी रेल अजमेर के लिए रवाना हुई थी और इसी पर आधारित यह फिल्म है जिसमें उस वक्त के दर्द को समझाने की कोशिश की गई है। विभाजन की इस विभीषिका में हजारों लाखों सिंधी परिवार सिंध प्रांत से अपना घर परिवार छोड़कर भारत आए थे और अलग-अलग शहरों में बस गए थे। फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि किस तरह अपना घर परिवार छोड़कर सिंधी समुदाय के लोग भारत में आकर नए सिरे से अपने जीवन को शुरू किया था। समाज किस तरीके से संघर्षों से गुजर कर आज सफलता के शिखर पर पहुंचा है। देवनानी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को सिंधी समाज की ओर से सिंधी स्मृति दिवस मनाया जाता है और इस बार समाज के युवाओं को विशेष तौर पर इस फिल्म को दिखाया जाएगा जिससे उन्हें पता चले किस तरह से उनके पूर्वजों ने संघर्ष के साथ नए जीवन की शुरुआत की। इस मौके पर सिंधी संगीत समिति अध्यक्ष मनोहर मोटवानी, उपाध्यक्ष भगवान वरलानी, महासचिव, घनश्याम भगत, कार्याकारिणी अध्यक्ष रमेश चेलानी, महेश विजरानी, नानक गजवानी, किशोर, अशोक मंगलानी आदि उपस्थित रहे।

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