बिखरे मोती बांधते हैं तो माल कहलाती है

आज दिनांक 24 नवम्बर 2023 – भारतीय जैन मिलन संस्था के द्वारा पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर वैशाली नगर स्थित में एक कार्यशाला मुनि श्री संकल्प सागर जी, मुनि श्री सद्भाव सागर ज, मुनि श्री हरीश जी, मुनि श्री हितेश जी के सानिध्य में जैन एकता के विषय में रखी गई।
भारतीय जैन मिलन के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश जैन पाटनी के अनुसार मुनि श्री हितेश ने अपने उद्बोधन में कहा कि पहले मैं नहीं हम कहे हम की भावना के साथ यदि आप आगे बढ़ेंगे तो ही आप एकता की बात कर पाएंगे जो वर्तमान परिपेक्ष में आवश्यक है मुनि श्री हरीश जी ने कहा जैन समाज संपन्न समाज एवं शिक्षित समाज है परंतु बड़ी विडंबना है की कई वर्गों में विभाजित है हम जब तक एक होकर अपनी आवाज को मजबूत नहीं करेंगे हमारा अस्तित्व काम होता जाएगा।
मुनि श्री सद्भाव सागर जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान महावीर का संदेश जियो और जीने दो जियो जीना आपका अधिकार है और दूसरों को जीना जीवन देना आपका कर्तव्य है। जब तक आप अधिकार और कर्तव्य में सामंजस्य नहीं बनाएंगे आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे भगवान महावीर के संदेश को यदि जन-जन तक पहुंचना है तो अपना कर्तव्य व अधिकार के साथ जैन समाज को मजबूती प्रदान करने के लिए भारतीय जैन मिलन जैसी संस्थाओं का अग्रणी रूप में आना अत्यंत प्रशंसनीय है।
मुनि श्री संकल्प सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा अपने विचारों को संतुलित बनाया संकीर्णता छोड़िए जब तक आप संकीर्णता के साथ जिएंगे आप ऐसे ही विभाजित रहेंगे विभाजन हमेशा विनाश का कारण है जैन समाज की विभाजित प्रणालियों में पूजा पद्धति अलग-अलग हो सकती है परंतु जब हम अपने धर्म आयतनों से बाहर निकले तो हम जैन कहें बड़ा गर्व महसूस होगा भगवान महावीर के 2550 में निर्माण महोत्सव के उपलक्ष में चलाई जाने वाले कार्यक्रमों का ऐसा सुदृढ़ हा योजना बने की जियो और जीने दो का संदेश जन-जन तक पहुंचे।
कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार के तहत जरूरतमंद बिटिया को समाज के द्वारा लाल चुनरी पहनकर उसकी भविष्य की मंगल शुभकामनाएं की बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पारसनाथ मंदिर के सचिव नेमीचंद जैन, राजेशकला, सुशील बाकलीवाल, राजेंद्र पाटनी, पीसी गंगवाल, बदन गढ़िया, मदनलाल बाफना, विजय पोखरण, गौतम नहर, राजकुमार जैन, संपत सिंह, कुंभट सहित अन्य भारतीय जैन मिलन की पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भवदीय
(प्रकाष जैन पाटनी)
मो. 9829332777

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