ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

राजस्थान महिला कल्याण मंडल द्वारा विश्व ऑटिज्म दिवस का आयोजन
अजमेर 2 अप्रेल 2025 राजस्थान महिला कल्याण मंडल द्वारा संचालित अद्वैत शीघ्र हस्तक्षेपण केंद्र अजमेर, सागर कॉलेज, मीनू स्कूल और समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रम के तहत विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का  आयोजन किया गया। इस आयोजन में ऑटिज्म को समझने, जागरूकता बढ़ाने और समावेशी सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
ऑटिज््म मुझे परिभाषित नहीं कर सकता। मैं ऑटिज््म को परिभाषित करता हूँ। केरी मैग्रो
अद्वैत अर्ली इंटरवेंशन सेंटर ने इस संदेश को जीवंत करते हुये 2 अप्रैल को ‘‘विश्व ऑटिज्म दिवस’’ उत्साहपूर्वक मनाया, जिसमें मुख्य अतिथि श्री एस.पी. मित्तल (वरिष्ठ पत्रकार एवं सुप्रसिद्ध ब्लॉगर), डॉ. शिखा माथुर (डेंटिस्ट एवं ब्लॉगर), डॉ. मेघना (मनोचिकित्सा विभाग, जेएलएन अस्पताल), डॉ. वरुण (मनोचिकित्सा विभाग, जेएलएन अस्पताल) और डॉ. मनमोहन (मनोचिकित्सा विभाग, जेएलएन अस्पताल) संस्था निदेशक राकेश कुमार कौशिक  एवं क्षमा कौशिक (सचिव एवं मुख्य कार्यकारी ) ने कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद राकेश कौषिक ने संस्थागत  जानकारी साझा की। डॉ. मेघना ने ऑटिज्म, इसके लक्षण और निदान पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रमुख गतिविधियाँ:
एबिलिटी वॉक: बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ आत्मविश्वास से एबिलिटी वॉक मे  भाग लिया।
सॉर्ट एंड मैच: बच्चों ने रंगों और आकारों को पहचानने और सही ढंग से मिलाने की कोशिश की।
प्रश्नोत्तर एक्टिविटी: अभिभावकों ने विशेषज्ञो से ऑटिज्म से जुड़े सवाल जवाब किए।
कलर मी: बच्चों ने अभिभावकों के साथ रंगों से चित्र बनाए।
सागर कॉलेज में डी.एड. और बी.एड. विशेष शिक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय ऑटिज्म और शीघ्र हस्तक्षेपण पर इसका प्रभाव रहा। सेमिनार का शुभारंभ संस्था निदेशक श्री राकेश कुमार कौशिक, डॉ. मेघना, डॉ. मनमोहन (रेजिडेंट डॉक्टर, मानसिक रोग विभाग, जेएलएन अस्पताल, अजमेर), डॉ. भगवान सहाय शर्मा, श्रीमती पदमा चैहान, और डॉ. वंदना सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. मेघना ने ऑटिज्म के कारण, लक्षण, रोकथाम और शीघ्र हस्तक्षेप के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में हर 68 में से 1 बच्चा ऑटिज्म से प्रभावित होता है, और शीघ्र हस्तक्षेप से इसकी तीव्रता को कम किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वंदना सिंह ने किया और समापन भाषण डॉ. भगवान सहाय शर्मा ने दिया।
संस्था के समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रम एवं उदय दिव्यांगजन समूह, बबाईचा, अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में अटल सेवा केंद्र, बबाईचा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच एवं बाबा रामदेव सेवा समिति के कोषाध्यक्ष नटवर सिंह शेखावत ने की। रामलाल जाट, रूप गुर्जर, प्रीति अरोड़ा (वाइस प्रिंसिपल), सुमन जांगिड़, अकरम गोरिया सहित 100 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।
जेएलएन अस्पताल में ऑटिज्म दिवस पर जागरूकता सत्र
डॉ. पार्थ सिंह मीना की अध्यक्षता  में जेएलएन अस्पताल अजमेर में ऑटिज्म दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न डॉक्टर,  नर्सिंग स्टाफ और मरीजों के परिजन उपस्थित रहे। डॉ. निष्ठा (वरिष्ठ रेजिडेंट) और मनोवैज्ञानिक राजेश्वरी ने ऑटिज्म से संबंधित जागरूकता पर चर्चा की। ऑटिज्म एक न्यूरोडेवलपमेंटल विकार है, जिसमें संचार और सामाजिक व्यवहार से जुड़ी चुनौतियाँ होती हैं। माता-पिता को शुरुआती चरण में ऑटिज्म के लक्षणों की पहचान कर शीघ्र हस्तक्षेप करवाना चाहिए। उपस्थित लोगों ने ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों के प्रति सहानुभूति और जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
राजस्थान महिला कल्याण मंडल द्वारा आयोजित इन विभिन्न कार्यक्रमों ने ऑटिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में समावेशी सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और शिक्षाप्रद बताया।
राकेश कुमार कौशिक
      निदेशक
  9829140992

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