नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर ब्यावर में भव्य दीपदान एवं नववर्ष मेले का आयोजन

ब्यावर। भारतीय नववर्ष नवसंवत्सर विक्रम संवत 2083 की पूर्व संध्या पर आज सुभाष उद्यान स्थित तालाब की पाल पर भव्य दीपदान एवं नववर्ष मेले का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
एडवोकेट अतुल बंसल के अनुसार शहरवासियों की भारी उपस्थिति के बीच पूरा क्षेत्र हजारों दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा, जिससे एक अद्भुत आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण हुआ।
पवन जैन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना से हुई, जिसमें जिला कलेक्टर कमल राम मीणा, उपखण्ड अधिकारी दिव्यांशु सिंह, एसपी ब्यावर जिला रतन सिंह, डीएसपी राजेश कसाना, आयुक्त ब्यावर नगर परिषद, थानेदार ब्यावर आशुतोष, संत केवलराम जी एवं संत अर्जुनराम जी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर नववर्ष के आगमन पर नगर की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। विधायक शंकरसिंह रावत ने भी दीपदान कर ब्यावर शहर समृद्धि की प्राथना की।
दिलीप बाबेल के अनुसार पूजन के उपरांत पारंपरिक रीति से आटे के दीपक पत्तों पर रखकर तालाब में प्रवाहित किए गए, जिससे तालाब का दृश्य अत्यंत मनमोहक एवं अलौकिक हो गया। हजारों दीपों की झिलमिलाहट ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर दीपदान किया और भारतीय संस्कृति के इस पावन पर्व का उल्लासपूर्वक स्वागत किया।
इस अवसर पर निवर्तमान सभापति नरेश कनौजिया के सान्निध्य में भव्य आतिशबाजी का आयोजन भी किया गया, जिसने कार्यक्रम की शोभा को और अधिक बढ़ा दिया।
सुरेश वैष्णव एवं नितेश गोयल ने बताया कि रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आकाश जगमगा उठा और उपस्थित जनसमूह ने इस दृश्य का भरपूर आनंद लिया।
गनपत बालोटिया एवं राजीव मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पूर्व निर्धारित अनुसार नववर्ष मेला भी आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों के लिए ईश्वर एवं महापुरुषों की वेशभूषा प्रतियोगिता, दीपक सजाओ प्रतियोगिता तथा अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया। भव्य रंगोली ने सभी का मन मोह लिया।
रूपेश कोठारी एवं शैलेश सोनी ने बताया कि इसके अतिरिक्त बालाजी मंदिर में भव्य महाआरती, एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों ने पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया।
कमल जिन्दल के अनुसार यह दीपदान कार्यक्रम पिछले 21 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है, जिसकी शुरुआत कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई थी, लेकिन आज यह आयोजन हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है। आयोजन समिति द्वारा इस बार भी व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम कार्यक्रम में दिखाई दिया।
आयोजन समिति एवं प्रशासन के समन्वय से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में इस आयोजन को ब्यावर की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसे और अधिक भव्य बनाने का संकल्प लिया।
error: Content is protected !!