आशा भोंसले के निधन पर गायकों ने उन्हीं के गाए गीतों से दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

अजमेर ।
इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी ने भजनगंज स्थित रेस्टोरेंट में आशा भोंसले के निधन पर  गायकों ने उन्हीं के गाए  गीतों से दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ शिंभू , शिक्षा विभाग से रिटायर्ड प्रधानाचार्य कुमकुम जैन और आर्टिस्ट राजेश्वरी ने 4 वर्षीय  नन्हीं  बालिका मिराया के साथ आशा भोसले की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये । आज के कार्यक्रमों की विशेषता थी विभिन्न महत्व से आए डॉक्टर्स , नर्सिंग ट्यूटर, अध्यापक और प्रशासनिक अधिकारियों ने आशा भोंसले के गीतों को बड़ी शिद्दत से गाया।
कार्यक्रम की शुरुआत में 14 वर्षीय नवनीत पंजाबी नवनीत पंजाबी ने कोमल है कमजोर नहीं गाकर मंत्र मुग्ध किया । डॉ मनीष सक्सेना तोरा मन दर्पण कहलाए से माहौल को कुछ समय के लिए भक्तिमय हो गया ।
मीना कन्जानी जाइए आप कहां जाएंगे, पूजा जैसवाल: कोई शहरी बाबू, संजीव शर्मा मेरी सोनी तेरी तमन्ना, सरिता  दो लफ़्ज़ों की है , मोहन मिश्रा: इशारों 2 में दिल देने वाले ,युधिष्ठिर चौहान: रोका कई बार मैंने  किशन बदलानी  चुरा लिया है
सुना कर सबका दिल जीता ।
नवोदित कलाकारों में  प्रेमलता चौहान जब चली ठंडी हवा, डॉ शिंभू : सजना है मुझे, हेम वर्मा और मनोहर गोकलानी ने जाने जहां ढूंढता फिर रहा
ने भी प्रभावित किया । श्याम पारीक के आगे भी जाने ना दूं, कुमकुम जैन: पान खाए सैंयां हमार ने भी तालियां बटोरी ।
दीपक भार्गव  ये मेरा दिल  डॉ दीपा थदानी ने जब छाए मेरा जादू, श्याम बिजलानी : दम मारो दम में
आशा भोंसले के  डिस्को गानों में जान डाल दी।
आलोक वर्मा के कजरा मोहब्बत वाला में नवनीत ने आवाज देकर शमशाद बेगम को भी याद किया ।
आशा भोसले की गजलों में मुकेश कोली और क्या अहले वफ़ा सुनाई ‌।  डॉ लाल थदानी की गजल कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता में सभी सदस्यों ने होने सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
आभार सहित 
*डॉ लाल थदानी 
संस्थापक 8005529714
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