जीना है तो गेंहू छोड़ दो

आज से ही सब छोड़ दो यह गेंहू की रोटिया खाना,
नही तो यारो पहुंचा देगा यह सभी को सफाखाना।
खा खाकर जिससे सब लोग आज बढ़ा रहे है तोंद,
जीना है तो गेंहू छोड़ दो सब मानो हमारा कहना।।
मोटापा-डायबिटीज बढ़ रहा है इससे हृदय के रोग,
आज मिक्स अनाज खाकर रहो आप सब निरोग।
मक्का बाजरा जौ ज्वार और खाना है सबको चना,
कोदरा रागी सावां कांगनी का लगाना है ये भोग।‌।
१९८० के पहले-पहले आम भारतीय इसको खाते,
बेजड मिक्स अनाज खाकर सब मौज मस्त रहते।
आम तौर पर गेंहू रोटी मेहमान आगमन पर बनाते,
लंबी दूरी पैदल चलकर सभी जरूरते पूरी करते।।
स्वस्थ रहने जीवन जीने के किस्से बुजुर्गो से सुनते,
आ जाते कभी घर-दामाद तो पराठा इससे बनाते।
आज इस गेंहू की लोच ने सबको कर दिया बीमार,
खाया और देखा है हमने घर जौ की रोटी बनाते।।
हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. विलियम डेविस का कहना,
चौकाने वाली बात है जीने के लिये गेंहू छोड़ देना‌।
गेंहू त्यागने का प्रण कर रहें आज अमेरिका-यूरोप,
वाकई ये सही बात है शुरुआत हो गया यह सेना।।
सैनिक कवि
गणपत लाल उदय, अजमेर राजस्थान 
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