अजमेर स्थित Maharshi Dayanand Saraswati University (एमडीएसयू) के रिमोट सेंसिंग एवं जियो-इन्फॉर्मेटिक्स विभाग द्वारा अर्थ डे 2026 का आयोजन अत्यंत उत्साह, जागरूकता और रचनात्मक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष की वैश्विक थीम “Our Power, Our Planet” के अनुरूप कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा सतत विकास की अवधारणा को मजबूत करना था।
कार्यक्रम का वातावरण ज्ञान, जागरूकता और रचनात्मकता से परिपूर्ण रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समूह आधारित पोस्टर निर्माण और पावरपॉइंट प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने पृथ्वी संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों में न केवल उनकी रचनात्मक क्षमता झलकी, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरणीय समझ भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियाँ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं। हिमाद्री योगी ने “अर्थ डे” के महत्व को समझाते हुए इसके ऐतिहासिक और वर्तमान संदर्भों पर प्रकाश डाला। विकास ने “प्रकृति की शक्ति” विषय पर प्रकृति की अपार क्षमता और मानव जीवन में उसकी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कुसुम शर्मा ने “हमारा पर्यावरण” विषय पर पर्यावरणीय चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार रखे, जबकि मुस्कान ने “Our Power, Our Planet” के माध्यम से यह संदेश दिया कि पृथ्वी की रक्षा में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रियंका ने “Save Planet” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए संरक्षण और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष Prof. Subroto Dutta द्वारा एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विस्तार से बताया कि रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का उपयोग पर्यावरण की निगरानी, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, आपदा नियंत्रण तथा सतत विकास योजनाओं के निर्माण में किस प्रकार किया जा सकता है। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि आधुनिक तकनीकें केवल विकास का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम भी हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित संकाय सदस्यों Dr. Soniya Deval एवं Maina Tholiya ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें पर्यावरण के प्रति सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण में योगदान देने का संदेश दिया।
अंततः कार्यक्रम एक सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ कि पृथ्वी की रक्षा केवल एक दिन का संकल्प नहीं, बल्कि यह हमारी निरंतर जिम्मेदारी है। इस आयोजन ने विद्यार्थियों के भीतर पर्यावरण के प्रति जागरूकता, उत्तरदायित्व और सकारात्मक सोच को और अधिक सुदृढ़ किया, जो भविष्य में एक हरित और संतुलित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।