एमडीएसयू अजमेर ने डिजिटल परीक्षा शुल्क प्रणाली हेतु एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ किया महत्वपूर्ण समझौता

विद्यार्थियों एवं महाविद्यालयों को मिलेगी सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक डिजिटल भुगतान सुविधा

कुलगुरु प्रो सुरेश कुमार अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व मे महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने डिजिटल प्रशासन एवं छात्र हितैषी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ए यू स्माल फ़ाइनेंस बैंक के साथ परीक्षा शुल्क संग्रहण एवं ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के संचालन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) संपादित किया है। यह समझौता 7 मई 2026 को अजमेर में औपचारिक रूप से निष्पादित किया गया। इस समझौते का उद्देश्य विश्वविद्यालय से संबद्ध विद्यार्थियों, महाविद्यालयों एवं अन्य हितधारकों के लिए एक आधुनिक, सुरक्षित एवं तकनीक-सक्षम शुल्क संग्रहण प्रणाली विकसित करना है। समझौते के अंतर्गत एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक विश्वविद्यालय को UPI, नेट बैंकिंग, वॉलेट, RTGS, NEFT सहित विभिन्न डिजिटल भुगतान सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे परीक्षा शुल्क जमा प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं सुगम बन सकेगी। समझौते के अनुसार बैंक द्वारा आरबीआई के दिशा-निर्देशों एवं PCI-DSS मानकों के अनुरूप सुरक्षित भुगतान सेवाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही विश्वविद्यालय को ट्रांजेक्शन रिपोर्टिंग, रीकंसिलिएशन सपोर्ट, API इंटीग्रेशन, डैशबोर्ड एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वित्तीय प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। यह व्यवस्था विश्वविद्यालय के अधीन अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं संबद्ध महाविद्यालयों के लिए डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाएगी। समझौते पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से शाखा प्रमुख श्री मयंक माथुर तथा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर की ओर से कुलसचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता आगामी तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा तथा विश्वविद्यालय की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। कुलसचिव  ने बताया कि यह पहल आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना को अपनाने तथा विद्यार्थियों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी एवं दक्ष सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस नई प्रणाली से मैनुअल प्रक्रियाओं में कमी आएगी, शुल्क जमा प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर डिजिटल अनुभव प्राप्त होगा। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक नेहा शर्मा, सहायक कुलसचिव सामान्य प्रशासन डॉ सूरज मल राव सहित बैंक के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे |

विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी डिजिटल इंडिया एवं उच्च शिक्षा में ई-गवर्नेंस की अवधारणा को सशक्त बनाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय को एक आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं स्मार्ट शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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