राजस्थान प्रशासनिक सेवा साक्षात्कार में एमडीएसयू का परचम

205 अभ्यर्थी पहुंचे साक्षात्कार तक, प्रदेश में दूसरा स्थान

अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता सिद्ध करते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) साक्षात्कार में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय से इस वर्ष कुल 205 अभ्यर्थी राजस्थान प्रशासनिक सेवा के साक्षात्कार तक पहुंचे हैं, जो पूरे राजस्थान में दूसरा सर्वाधिक आंकड़ा माना जा रहा है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, दूरदर्शी पाठ्यक्रम एवं विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास की सशक्त व्यवस्था को दर्शाती है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार एमडीएसयू का पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि विद्यार्थी नियमित अध्ययन के साथ ही राजस्थान प्रशासनिक सेवा, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) एवं अन्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी स्वतः कर सके। पाठ्यक्रम में समसामयिक विषयों, विश्लेषणात्मक अध्ययन, तार्किक क्षमता तथा प्रशासनिक दृष्टिकोण को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित हो रही है।

विश्वविद्यालय की यह अभिनव पहल राजस्थान के माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से निरंतर आगे बढ़ रही है। उनके विजन के अनुरूप विश्वविद्यालय युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दृष्टि से सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

इतना ही नहीं, विश्वविद्यालय से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी यूजीसी नेट एवं CSIR जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। अनेक विद्यार्थी जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) एवं असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता अर्जित कर उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं शोधोन्मुख बनता जा रहा है।

विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी भी करवाई जाती है। विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री, व्यक्तित्व विकास एवं साक्षात्कार प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं विद्यार्थियों को सफलता की ओर अग्रसर कर रही हैं।

इस वर्ष से विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के लिए “Learn, Earn and Perform” योजना भी प्रारंभ की है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी अध्ययन के साथ-साथ कार्य अनुभव एवं आय अर्जित करने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, कर्मशील एवं कौशलयुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विश्वविद्यालय की इन सभी उपलब्धियों के पीछे कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व एवं नवाचारपूर्ण प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है।

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