विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता व पोस्टर विमोचन कार्यक्रम

अजमेर दिनांक 12 जून 2026 जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे संगठन राजस्थान महिला कल्याण मण्डल ने ‘एक्शन मंथ’ के रूप में चलाए जा रहे उमंग-7 अभियान के अन्र्तगत विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल कल्याण समिति के साथ मिलकर बालश्रम निषेध है से सम्बंधित पोस्टर का विमोचन किया साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों पर पोस्टर चस्पा करके जानकारी दी गई जिसके द्वारा बालश्रम नही करवाने के सम्बंध में जागरूक किया।

इस मौके पर राजस्थान महिला कल्याण मण्डल के निदेशक राकेश कुमार कौशिक ने कहा कि जून महीने को बाल श्रम के खिलाफ ‘एक्शन मंथ’ के तौर पर मनाया जाता है और चूंकि बाल दुर्व्यापार यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग बाल मजदूरी का मुख्य कारण हैइसलिए नागरिक समाज संगठन इस दौरान पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर दुर्व्यापारियों और उनके गठजोड़ की शिनाख्त के लिए कड़ी नजर रखते हैं। तथा शोषण व मजदूरी से मुक्त कराए गए हर बच्चे के शिक्षा के अधिकारसुरक्षा व गरिमा की आज एक बार फिर बहाली हुई है। बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से महरूम कर देता हैलिहाजा इस समस्या से तत्काल निपटने की जरूरत है। बच्चों की जगह ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं बल्कि स्कूल में है। चूंकि ट्रैफिकिंग और बाल मजदूरी आपसे में गहरे तक जुड़े हैंहम ट्रैफिकिंग की रोकथामबच्चों को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन प्रशासन व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय के साथ काम करते रहेंगे। साथ हीहम सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चे की देखभाल होसमुचित पुनर्वास हो और उसे वो सभी सुविधाएं मिलें जिसका वह हकदार है।  

इस नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत इसकी साझा निगरानी तंत्र और आपसी सहयोग है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के देश भर में फैले सहयोगी संगठन एक दूसरे की आंख-कान का काम करते हैं और आपस में सूचनाएं साझा करने के साथ ट्रैफिकिंग के मामलों की निगरानी करते हैं। नेटवर्क के खुफिया सूचना-साझाकरण तंत्र ने देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चों की पहचान करनेउनका पता लगाने और उन्हें मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नतीजे में अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच 1.45 लाख से अधिक बच्चों को ट्रैफिकिंग से मुक्त कराया गया। इनमें अधिकांश मामले ऐसे थेजिनमें बच्चों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें बाल श्रम करने के लिए मजबूर किया गया था।

राजस्थान महिला कल्याण मण्डल द्वारा आयोजित पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई से संयुक्त निदेशक संजय सावलानी व कार्यकर्ता प्रकाशअमिता व बाल कल्याण समिति से अध्यक्ष अंजली शर्मा व सदस्यगण अरविन्द मीणातब्बसुम बानोराजलक्ष्मी करारिया चाइल्ड हेल्पलाइन से प्रेमनारायण शर्मा व राजस्थान महिला कल्याण मण्डल से दीपक जोरमराहुल गुर्जरपुजा राजपुरोहित कार्यक्रम में मौजूद रहें।

राकेश कुमार कौशिक

निदेशक

राजस्थान महिला कल्याण मण्डल

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