राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और विभागीय प्राथमिकताओं की हुई विस्तृत समीक्षा
मौसमी बीमारियों के लिए करें घर-घर सर्वे
एंटीलार्वा गतिविधियों तथा हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं के त्वरित रेफरल के दिए निर्देश
अजमेर, 30 जुलाई। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुरूवार को किया गया। बैठक के दौरान सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के उपखंड अधिकारियों के साथ आयोजित होने वाली साप्ताहिक बैठकों में जमीन आवंटन एवं अवैध कब्जे के सम्बन्ध में अवगत कराएं। आरबीएसके के तहत एनीमिया चिन्हीकरण व दवाओं की उपलब्धता, मौसमी बीमारियों के नियंत्रण हेतु घर-घर सर्वे, एंटीलार्वा गतिविधियों और व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की जाए। इसके साथ ही टीकाकरण के लक्ष्यार्जन और ग्रामीण व सेवा शिविरों के फॉलो-अप कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा कर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को एसओपी के अनुसार चिन्हित कर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करवाने के भी कड़े निर्देश प्रदान किए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना रंगा ने सभी बीसीएमओ को विकास कार्यों, नए पूर्ण कार्यों के शिलान्यास, असुरक्षित भवनों के चिन्हीकरण, उपकरणों के गैप एनालिसिस तथा अधिशेष मैनपावर की सूचना तत्काल प्रेषित करने के आदेश दिए। साथ ही 104 एम्बुलेंस का सुचारू संचालन सुनिश्चित कर प्रसूताओं को निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. रामलाल चौधरी ने परिवार कल्याण प्रगति की समीक्षा की और पीपीआईयूसीडी पर विशेष जोर देते हुए उच्च प्रसव भार वाले चिकित्सा संस्थानों को अधिक से अधिक निवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिंदे स्वाति ने आरसीएच गतिविधियों की समीक्षा करते हुए एचपीवी वैक्सीन के प्रति अभिभावकों को जागरूक करने तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के रेफरल के समय चिकित्सा संस्थान तक साथ जाने के निर्देश दिए।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. रामस्वरूप किराड़िया ने वर्टिकल कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए नॉन-कम्युनिकेबल डिसीज के तहत सीबैक फॉर्म भरने व समय पर मरीजों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब रामाश्रय योजना का संचालन सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश गुप्ता ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि 206 हाई-रिस्क चिन्हित ग्राम पंचायतों में कैंप सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं। वहां 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के एक्स-रे करवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विगत 5 वर्षों में पाए गए टीबी मरीजों वाले क्षेत्रों में विशेष सर्वे अभियान चलाने को कहा गया।
इसके अलावा, जिला औषधि भंडार के डीपीसी डॉ. मोहित देवल ने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा एवं जांच योजना की समीक्षा की। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सक डेस्क मॉड्यूल का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने की जानकारी दी।
बैठक में जिले के अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, डीपीओ, समस्त पीएमओ, बीसीएमओ, बीपीएम, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (शहरी व ग्रामीण) के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी तथा विभिन्न संबद्ध विभागों के प्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।