जैविक मच्छर नियंत्रण अभियान

लार्वाभक्षी मछलियों का किया गया वितरण

अजमेर, 30 जुलाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना रंगा के निर्देशानुसार मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगूमलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए जिले में जैविक नियंत्रण विधि को अपनाया जा रहा है। जिला स्तरीय टीम एवं ब्लॉक केकड़ी की टीम द्वारा लार्वाभक्षी मछलियों गप्पी और गेंबूशिया को एकत्र कर दो स्थानों पर छोड़ा गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रकादेड़ा में मानव निर्मित हैचरी स्थापित कर मछलियों को रखा गया है। यहाँ से आगे वितरण किया जाएगा। नसीराबाद का फूल सागर तालाब जैसे बड़े जलस्रोतों में लार्वा नियंत्रण हेतु मछलियों को छोड़ा गया।

 गप्पी और गेंबूशिया मछलियां पानी में पनपने वाले मच्छरों के लार्वा को खाकर नष्ट कर देती हैं। यह तकनीक पूरी तरह रसायन मुक्तपर्यावरण अनुकूल एवं लागत प्रभावी है। एक बार छोड़ने के बाद ये मछलियां प्रजनन कर स्वयं बढ़ती रहती हैं और लंबे समय तक लार्वा नियंत्रण में मदद करती हैं।

चिकित्सा विभाग का उद्देश्य जिले के सभी तालाबों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से इन मछलियों को उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी ब्लॉक एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंगा द्वारा जिले के समस्त चिकित्सा संस्थानोंसामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रप्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ओपीडी में लार्वा प्रदर्शन कर आमजन को जागरूक किया जाएगा। फील्ड में एंटी लार्वा गतिविधियां फील्ड स्टाफ द्वारा सोर्स रिडक्शनलार्विसाइड छिड़कावनाली में एमएलओ डालना एवं साफ पानी में टेमीफ़ोस डालना आदि गतिविधियां संचालित करने के लिए भी दिशा निर्देशित किया गया।

error: Content is protected !!