स्पीकर हैल्पडेस्क के दो साल पूरे, 15 हजार मरीजों को मिला उपचार
श्री देवनानी बोले, जीवन की अंतिम सांस तक अजमेर की सेवा में रहूंगा
आमजन का स्नेह देख भावुक हुए देवनानी, डॉक्टर्स से बोले- लोगों की सेवा करो, ईश्वर खूब पुण्रू देगा
अजमेर, 3 अगस्त। अजमेर का जेएलएन अस्पताल सोमवार को चिकित्सा, सेवा, प्रार्थना और भावुकता के अनूठे संगम का साक्षी बना। मौका था ‘‘स्पीकर हैल्प डेस्क’’ के दो साल पूरे होने का। इन दो सालों में हैल्प डेस्क से लाभ पाने वाले मरीज और परिजनों ने अपने भावुक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जब हम सरकारी अस्पताल में आए तो अपने परिजन की तबियत और यहां की सेवाओं को लेकर आशंकित थे। लेकिन जैसे ही हैल्प डेस्क पहुंचे, वहां मौजूद स्टाफ की तत्परता ने सब कुछ आसान कर दिया। किसी की मां को तुरंत उपचार से जीवन दान मिला तो किसी का बेटा स्वस्थ होकर घर लौट आया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को दुआएं दी। लोगों का स्नेह देखकर स्पीकर भी भावुक हो गए। वे बोले मेरी हर सांस अजमेर और यहां के लोगों के लिए। जब तक जीउंगा, यहां की सेवा में रहूंगा।
संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में वर्ष 2024 में शुरू हुई ‘‘स्पीकर हैल्प डेस्क’’ के दो वर्ष पूर्ण होने पर सोमवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्री देवनानी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह मानवता की सेवा में अपना सर्वोत्तम योगदान दें। मानव सेवा को ही माधव सेवा कहा गया है। अजमेर उत्तर के विधायक होने के नाते पिछले 22 सालों में हमने प्रयास किया है कि किसी पीड़ित या जरूरतमंद को खाली नहीं लौटाया जाए। सबसे ज्यादा संख्या में लोग चिकित्सा संबंधी सहायता के लिए आकांक्षी होते हैं। विधानसभा अध्यक्ष बनते ही मैंने ‘‘स्पीकर हैल्प डेस्क’’ शुरू कर लोगों को इतने बड़े अस्पताल में सही समय पर सही चिकित्सक के माध्यम से उपचार दिलाने का प्रयास किया। पिछले दो सालों में करीब 15 हजार लोगों को इस डेस्क से सहायता मिली है।
श्री देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश व मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। अजमेर भी विकास की इस रफ्तार में बराबर बढ़ रहा है। सैकड़ों करोड़ रूपए से स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जा रहा है। शहर अध्यक्ष श्री रमेश सोनी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में सिर्फ चिकित्सा ही नहीं हर क्षेत्र में अजमेर आगे बढ़ रहा है। कतार में अंतिम व्यक्ति तक हम राहत पहुंचा रहे हैं।
और भावुक हो गए देवनानी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हैल्प डेस्क से राहत प्राप्त करने वाले लोग आए। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल और अपनों की खराब तबियत के कारण वो काफी तनाव में थे। लेकिन हैल्प डेस्क पर जाते ही वहां बैठक चिकित्साकर्मियों ने न सिर्फ उन्हेें मार्गदर्शन दिया बल्कि वे उन्हें सही चिकित्सक के पास लेकर भी गए। टीम ने उपचार शुरू होने से वहां बैठे चिकित्साकर्मियों ने न सिर्फ उन्हें मार्गदर्शन दिया बल्कि वे उन्हें सही चिकित्सक के पास लेकर भी गए। टीम ने उपचार शुरू होने से डिस्चार्ज होने तक फीडबैक लिया। सरकारी अस्पताल के बारे में उनकी धारणा बदल गई। उन्होंने श्री देवनानी को खूब दुआएं दी।
इसके बाद जी श्री देवनानी बोले तो उनका गला रूंध गया। वे बोले ‘‘चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप हैं, वे अपनी ड्यूटी और प्रेक्टिस के साथ ही पीड़ित मानवता की सेवा भी करें। उन्होने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.के. अरोड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि उनसे प्रेरणा लेकर अजमेर के डॉक्टर्स भी सेवा भाव सीखें। मरीज से व्यवहार और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क परामर्श और उपचार उन्हें मरीज व उनके परिजनों की दृष्टि में सदैव सम्मानीय बनाए रखता है। श्री देवनानी ने कहा कि ‘‘ईश्वर से प्रार्थना है कि सदैव स्वस्थ रहूं। जीवन की अंतिम सांस तक अजमेर व अजमेर के लोगों की सेवा करता रहूंगा। उन्होंने सभी से अपील की है कि पीड़ित मानवता की सेवा में सदैव जुटे रहें।
इस तरह काम करती है हैल्पडेस्क
जेएलएन में 3 अगस्त 2024 को हैल्प डेस्क की शुरूआत की गई थी। यह डेस्क अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दायीं ओर स्थापित की गई है। यहां पहुंचते ही डेस्क पर तैनात टीम मरीज व उनके परिजन को तुरंत योग्य चिकित्सक को दिखाने ले जाती है। इसके साथ ही उसकी सम्पूर्ण जांच, दवा अगर भर्ती होना है तो इनडोर एडमिशन की सारी व्यवस्थाएं की जाती हैं।
मरीज और परिजन बोले ‘‘नया जीवन मिला’’
- मेरा और मेरी माताजी का एक्सीडेंट हुआ। इसकी वजह से हमें ब्रेन में मल्टीपल फ्रेक्चरर्स हुए है और इसका ऑपरेशन भी हुआ है। मैं एक सिंगल चाईल्ड हूं। और हम आईसीयू में एडमिट थे। कुछ समझ नहीं आ रहा था। उस समय बहुत ज्यादा हेल्प की जरूरत थी तो हेल्प डेस्क वालों से सम्पर्क करने पर उन्होंने काफी हेल्प की। जांचे कहां होगी, डॉक्टर कहां मिलेंगे और अन्य समस्त प्रकार हेल्प मिली। इसी का नतीजा हैं कि मैं यहां खड़ी हूं। मैं इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी और हेल्प डेस्क के कर्मचारियों को धन्यवाद देती हूं
– सोनिया जैन, शांतिपुरा वैशाली नगर
- मेरे पिताजी को पहले प्राइवेट हॉस्पिटल लेके गए। वहां से हमें जेएलएन हॉस्पिटल भेजा गया। यहां पर भी ईलाज में देरी हो रही थी। मेरे पिताजी को 4 यूनिट खून की आवश्यकता थी तो मैंने विधानसभा अध्यक्ष हेल्प डेस्क पर सम्पर्क किया। हेल्प डेस्क की मदद से जल्द ही खून की व्यवस्था हो पाई और जरूरी जांचे समय पर पूर्ण हो पाई। मैं इसके लिए हेल्प डेस्क का धन्यवाद करता हूं। इनकी वजह से आज मैरे पिताजी स्वस्थ है और उनको जल्द ही डिस्चार्ज किया जाएगा।
–राहुल सिंह रावत, बोराज
- मेरे परिवार में पिछले दो साल में परिवार के सदस्य गंभीर बीमारी से ग्रस्ति हुए। कैंसर, ब्रेन स्टॉक, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्ति थे। ऎसे स्थिति में कब क्या करना है, कौनसे डॉक्टर को दिखाना है, कब दिखाना है कौनसी जांचे कराने है इनमें विधानसभा अध्यक्ष हेल्प डेस्क ने काफी हेल्प की। मैं इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी का आभार व्यक्त करता हूं।
–अरविंद यादव, हाथीभाटा
- मैं पिछले काफी सालों से जेएलएन आता रहा हूं। लेकिन अभी मैं जब मेरी माताजी को लेके आया हूं और मुझे जो रिस्पॉन्स विधानसभा हेल्प डेस्क का मिला वो शानदार रहा। जहां प्राइवेट हॉस्पिटल में ऎसे सुविधाएं चार्ज की जाती हैं वो जेएलएन हॉस्पिटल में फ्री में मिल रही है। मैं इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद करना चाहता हूं कि इन्होंने ये हेल्प डेस्क खोली।
–हिमांशु जैन, वैशाली नगर, अजमेर
- जेएलएन हॉस्पिटल में जो विधानसभा अध्यक्ष हेल्प डेस्क पे मुझे सुविधा मिली वो काफी सराहनीय है। यहां पर मुझे जांच कराने, डॉक्टर को दिखाने सहित अनेक सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त हुई। इसके लिए मैं विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।
–अविनाश व्यास, अजमेर