पाकिस्तानी’ टिप्पणी पर विधायक गौतम के खिलाफ अदालत पहुंचे अधिवक्ता मनोज आहूजा

*केकड़ी कोर्ट में पेश किया फौजदारी परिवाद,वीडियो साक्ष्य के आधार पर निष्पक्ष जांच व दोष सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई की मांग*
केकड़ी (14 सितम्बर ) केकड़ी के वार्ड संख्या 12 में आयोजित चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ललित कुमार सिंधी को कथित रूप से “पाकिस्तानी” कहे जाने का मामला अब अदालत पहुंच गया है।प्रकरण को लेकर अधिवक्ता मनोज आहूजा ने सोमवार को केकड़ी की अदालत में फौजदारी परिवाद प्रस्तुत कर मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोष सिद्ध होने पर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।
अधिवक्ता आहूजा के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को वार्ड संख्या 12 में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा के दौरान केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कांग्रेस प्रत्याशी ललित कुमार सिंधी के संबंध में कथित रूप से “एक तरफ पाकिस्तानी है,जिसने राजनीति में कभी कोई सेवा नहीं की” शब्दों का प्रयोग किया। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद प्रत्याशी के व्यवसाय एवं राजनीतिक सेवा को लेकर भी टिप्पणी की गई।
आहूजा ने कहा कि किसी चुनावी सभा में किसी भारतीय नागरिक एवं प्रत्याशी को कथित रूप से “पाकिस्तानी” संबोधित करना सामान्य राजनीतिक आलोचना से अलग गंभीर विषय है।उन्होंने कहा कि वो खुद भी सिंधी समाज के हैँ इसलिए इस टिप्पणी से वो काफ़ी आहत हुए हैँ।ऐसे कथित बयान से सिंधी समाज के व्यक्ति की राष्ट्रीय पहचान,व्यक्तिगत प्रतिष्ठा तथा मतदाताओं के बीच उसकी छवि प्रभावित होने की आशंका है।
*वीडियो साक्ष्य के आधार पर जांच की मांग*
परिवादी अधिवक्ता मनोज आहूजा ने बताया कि उनके पास कथित घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।इस वीडियो को पूर्व में पुलिस अधीक्षक अजमेर सहित संबंधित पुलिस एवं निर्वाचन अधिकारियों को दी गई शिकायत के साथ भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
अब अदालत में पेश किए गए परिवाद में भी वीडियो रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए उसकी निष्पक्ष जांच,आवश्यक होने पर तकनीकी अथवा फॉरेंसिक परीक्षण तथा विधायक के पूरे भाषण को संदर्भ सहित जांच में लेने का अनुरोध किया गया है।
*भारतीय न्याय संहिता व निर्वाचन प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग*
आहूजा ने बताया कि परिवाद में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 175,196 एवं 197 सहित नगरपालिका चुनावों से संबंधित लागू कानूनी एवं निर्वाचन प्रावधानों के तहत मामले की जांच किए जाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि कथित टिप्पणी विपक्षी प्रत्याशी की पहचान को पाकिस्तान से जोड़कर मतदाताओं के बीच पूर्वाग्रह,वैमनस्य अथवा किसी अन्य प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करने या चुनावी संभावनाओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई थी,तो लागू आपराधिक एवं निर्वाचन कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रश्न उत्पन्न हो सकता है।
“मुद्दा किसी दल का नहीं,चुनाव की गरिमा का है”
अधिवक्ता मनोज आहूजा ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना नहीं है।उनका कहना है कि मामला स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव,सामाजिक सौहार्द तथा प्रत्येक भारतीय नागरिक की गरिमा और राष्ट्रीय पहचान से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा अदालत में किसी को पहले से दोषी घोषित करने की मांग नहीं की गई है।उनकी मांग केवल इतनी है कि उपलब्ध वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच में कानून का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधि के अनुसार कार्रवाई की जाए।
फौजदारी परिवाद अदालत में पेश होने के बाद अब मामले में न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं।

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