एमडीएसयू में अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस पर जागरूकता अभियान एवं पोस्टर प्रतियोगिता
अजमेर, 17 सितम्बर। कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूक्ष्मजीव पृथ्वी पर जीवन के ‘इंजन’ हैं। अपघटन से लेकर पौधों, मनुष्यों और पशुओं के जीवन तथा पारिस्थितिक संतुलन तक सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्मजीव विज्ञान के अध्ययन को प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचाना आवश्यक है, जिससे स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवन-प्रक्रियाओं के प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित हो सके। कुलगुरु ने NEP-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग जिस प्रकार अकादमिक गतिविधियों के साथ रचनात्मकता, पोस्टर, चित्रांकन और क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा दे रहा है, वह नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप है। शिक्षा कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। वे महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस के अवसर पर सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर क्लब ‘माइक्रोकंसर्न’ तथा एनएसएस यूनिट 1, 2 एवं 3 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय मसाला बीज अनुसंधान केंद्र (NRCSS), तबीजी के निदेशक डॉ. विनय भारद्वाज ने कहा कि सूक्ष्मजीव केवल रोगों से संबंधित नहीं हैं, बल्कि जैव-अर्थव्यवस्था, कृषि, स्वास्थ्य और आधुनिक विज्ञान के आधार हैं। उन्होंने मेटाजेनॉमिक्स तकनीक, नई औषधियों, एंटीबायोटिक्स, जैव-उर्वरकों एवं जैव-कीटनाशकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि NRCSS द्वारा विकसित जैव-उर्वरक एवं जैव-कीटनाशकों को औद्योगिक एवं व्यावसायिक स्तर पर ले जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
विभागाध्यक्ष प्रो. मोनिका भटनागर ने गट माइक्रोफ्लोरा एवं गट-ब्रेन एक्सिस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नशे की स्थिति में आंतों के माइक्रोबायोटा में असंतुलन पर वैज्ञानिक शोध जारी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रोबायोटिक्स एवं माइक्रोबायोटा आधारित शोध नशामुक्ति और पुनर्वास के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रस्तुत कर सकता है।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस के अवसर पर सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर क्लब ‘माइक्रोकंसर्न’ तथा एनएसएस यूनिट 1, 2 एवं 3 के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ‘माधवकर जागरूकता अभियान’ के तहत खुली पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित हुई।
कार्यक्रम में डॉ. आशीष भटनागर, डॉ. आशीष पारीक, डॉ. रितु माथुर, डॉ. भारती जैन, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. दीपिका उपाध्याय, डॉ. पूनम मोहन, डॉ. राजबाला जूनिया, डॉ. अंकिता चौरसिया एवं सुश्री मीरा शर्मा सहित शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।