अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा राजस्थान प्रदेश स्तर पर वृहत बाल साहित्य संगोष्ठी का आयोजन आभासी पटल पर शनिवार 19 सितंबर को किया गया। संयोजक वरिष्ठ बाल साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया ने बताया कि संगोष्ठी में राज्य भर के 44 बाल साहित्यकारों ने जीवन मूल्यों पर केंद्रित बाल गीत, नाटक और कथाएं प्रस्तुत की। प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राव ने अध्यक्षता की, विष्णु शर्मा हरिहर सारस्वत अतिथि रहे और संचालन डॉ पूनम पांडे ने किया। गोष्ठी में शिवचरण शर्मा,अलका अग्रवाल, सत्यनारायण सत्य, योगिराज योगी, पूर्णिमा मित्रा, सुरेश निगम, अनीता गंगाधर, नमिता चौहान, नीरजा, मंजूलता, संदीप पांडे, राममोहन, रश्मि गर्ग, उर्मिला माणक, भावना चौधरी, यशपाल, इंदुबाला, मयंक, जसवंत खटीक, अर्चना, भावना रौतेला, सलीम स्वतंत्र, नीलाक्षी श्रीवास्तव, मोहनलाल रेगर, शैलजा विजय, महेश पंचोली, युगल सिंह, रवि प्रकाश इत्यादि ने भाग लिया। सार्थक अग्रवाल, यशस्वी, रियाश, कविता, कार्तिकेय राठौड़, अभिषेक पुनिया, मानवी शेखावत, अन्वी शर्मा, युवान कौशिक आदि 16 से कम आयु के बच्चों ने भी रोचक रचनाएं पटल पर रखीं। दूसरे सत्र में रचनाओं पर विश्लेषणात्मक विवेचन और बाल साहित्य के प्रदेय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विष्णु शर्मा ने कहा कि बाल मन और लेखन के ध्येय को ध्यान में रखते हुए प्रयुक्त शैली का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए। साथ ही अधिक पढ़कर कम किन्तु सार्थक लिखने का अभ्यास करना चाहिए।