सामूहिक यज्ञ से विश्वविद्यालय की सुख-समृद्धि, ज्ञान और प्रगति की कामना
अजमेर, 31 अक्टूबर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में महर्षि दयानंद शोधपीठ के संयुक्त तत्वावधान में महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस के अवसर पर वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न यज्ञ में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की तथा विश्वविद्यालय की सुख-समृद्धि, शैक्षणिक उन्नति और सर्वकल्याण की कामना की।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में शुभ अवसरों पर हवन-यज्ञ आयोजित करने की परंपरा रही है। यज्ञ के माध्यम से हम पुण्यात्माओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि विश्वविद्यालय में सदैव शुभ एवं मंगलकारी कार्य हों तथा सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि यज्ञ के माध्यम से हम ईश्वर से सद्बुद्धि, ज्ञान, सुख और समृद्धि की कामना करते हैं। हमारी प्रार्थना है कि सभी सुखी रहें और किसी को भी दुख का सामना न करना पड़े।
कुलगुरु ने कहा कि जब यज्ञ जैसे आध्यात्मिक अनुष्ठान सामूहिक रूप से संपन्न होते हैं, तो उनमें सहभागिता, सकारात्मकता और सामूहिक संकल्प की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की ऐसी परंपराएं भारतीय वैदिक संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामूहिक कल्याण की भावना को निरंतर प्रोत्साहित करती हैं।
कार्यक्रम की संयोजक प्रो. रितु माथुर ने यज्ञ में सहभागिता करने वाले कुलगुरु सहित सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों का आभार व्यक्त किया। वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलकामनाओं के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।