अजमेर। सावित्री कन्या महाविद्यालय के 18 अस्थाई कर्मचारियों के समर्थन में उतरी छात्रसंघ अध्यक्ष सुनिता चौधरी ने महामहिम राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कर्मचारियों को स्थाई नियुक्ति प्रदान नही करने पर उनके साथ क्रमिक अनशन में महाविद्यालय की सभी छात्राओं के शामिल होने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि महाविद्यालय में पिछले कई सालों से सेवारत शैक्षणिक व अशैक्षणिक कर्मचारियों को राजस्थान सरकार द्वारा अधिग्रहण करने के साथ ही निष्कासित कर दिया गया, तभी से स्थाई नियुक्ति करने की मांग को लेकर महाविद्यायल के 18 कर्मचारी जिनमें महिला शिक्षक भी शामिल है आन्दोलन कर रहे है।बुधवार को कलेक्टर से महिला कांग्रेस अध्यक्षा सबाखान के नेतृत्व में मिली छात्राओं ने कलेक्टर को आन्दोलनरत कर्मचारियों की व्यथा सुनाई। कलेक्टर ने एडीएम सुनिता डागा को महाविद्यालय प्रशासन और आन्दोलरत कर्मचारियों से वार्ता के लिए भेजा और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
सुनिता डागा ने वार्ता के बाद मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए बताया कि तत्कालीन सावित्री महाविद्यालय में कार्यरत इन शिक्षकों और कर्मचारियों को सेल्फ फांईनेन्स के तहत वेतन दिया जाता था, लेकिन राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण के बाद यह राजकीय कन्या महाविद्यालय में समाहित कर दिया गया ना तो राज्य सरकार की ओर से ही महाविद्यालय को कोई आदेश प्राप्त हुए जिसके तहत इन कार्मिकों को समायोजित किया जा सके। वार्ता के बाद वह अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को पेश करेंगे जो भी निर्णय होगा, उससे कॉलेज प्रशासन और कर्मचारियों को अवगत करा दिया जायेगा।