निर्मलधाम दरबार में वार्षिकोत्सव मनाया गया

nirmal dham jhula mohalla 01अजमेर। जिन्दगी मौत की अमानत है अमानत में प्रभु की बंदगी कर ले वर्ना अमानत में खयानत हो जायेगी। यह प्रवचन इन्दौर से पधारे स्वामी मोहनदास जी के द्वारा झूला मोहल्ला स्थित निर्मलधाम दरबार में चल रहे सत्गुरूदेव निर्मलदास जी के 68वें वार्षिक महोत्सव के दौरान कहे। उन्होंने फरमाया कि आदमी के पास सत्संग मंे जाने या सुनने का समय ही नहीं है वह कहता है कि मुझे मरने की फुर्सत नहीं है मैं सत्संग कब सुनुंगा अरे जब मर जायेगा तब क्या खाक प्रभु का सत्संग सुनेगा। मन्दिर सेवाधारी गोरधन मोटवानी ने बताया कि उत्सव में शनिवार सुबह मोहनदास चन्दन एण्ड पार्टी के प्रवचन और भजन अमृत वर्षा के साथ गद्दीनशीन स्वामी आत्मदास द्वारा सुनाये गये प्यारे गीतों पर उपस्थित साध संगत झुमने लगी साथ ही शाम को मोहनधाम इन्दौर से पधारे दीपक उदासी एण्ड पार्टी द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

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