अजमेर। स्टार प्लस पर प्रसारित हो रहे सिरीयल मास्टर शैफ तृतीय में भाग्य आजमाने गये अजमेर के गुरप्रित अरोडा उर्फ हेप्पी सिंह टॉप टेन में पहुंच चुके हैं। अजमेर में नसीराबाद रोड पर 3 साल पहले पंजाबी वीरसा रेस्टोरेन्ट खोलने वाले हेप्पी सिंह की माता रविन्द्र कौर बताती है कि पुत के पांव पालने में ही नजर आ जाते हैं। बचपन से कुकिंग का शौक रखने वाले हेप्पी घर वालों की गैर मौजुदगी में कुछ ना कुछ व्यंजन बनाते रहते थे। रविन्द्र कौर ने 12 साल की उम्र में हेप्पी द्वारा बनाये गये लड्डु की कहानी सुनाई।
हेप्पी के भाई कंवलजीत भाई को मिली सफलता से फूले नहीं समा रहे उन्हांेने अजमेर के रायजिंग स्टार हेप्पी सिंह को किसी भी माध्यम से अधिक अधिक वोट देकर जिताने की अपील की है। उसने बताया कि हेप्पी को बचपन से ही कुकिंग और टेटु बनाने का शौक रहा है इसी शौक के चलते हेप्पी ने इसे ही अपना कैरीयर चुन लिया। लेकिन हेप्पी को तो बहुत दुर जाना था लिहाजा दोस्त ने उसे मास्टर शैफ में भाग्य आजमान के लिये प्रेरित किया औा आज वो मास्टर शैफ में अपने खाना बनाने के दमखम पर टॉपटेन में पहुंच गया है। पुरे देश और अजमेरवासीयों की दुआएं उसके साथ है।
हेप्पी की बहन हरप्रित तो वाहे गुरू से बस एक ही अरदास कर रही है कि उनका भाई मास्टर शैफ का खिताब जीतकर ही अजमेर आये। गौरतलब है कि अर्न्राष्ट्रीय शैफ संजीव कपुर, कुणाल कपुर और विकास खन्ना मास्टर शैफ 3 में जज की भूमिका में हैं। जिन्हें ओडिशन के दौरान हेप्पी सिंह द्वारा बनाये गये छोले भटुरे बेहद पसंद आये थे।
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