अजमेर। मुख्य सचिव श्री सी.के. मैथ्यू ने आज प्रात: वीडिय़ो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ‘राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012 के अन्र्तगत स्थापित लोक सुनवाई सहायता केन्द्रों की क्रियान्विति करने की समीक्षा की तथा संभागीय आयुक्त और जिला कलक्टर से उनके जिले के अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर तक स्थापित लोक सुनवाई सहायता केन्द्रों व एकल खिड़की का निरीक्षण करवाकर या दर्ज किये जाने वाले आवेदनों की जानकारी लेने को कहा है।
अजमेर के संभागीय आयुक्त श्री आर.के. मीना, जिला कलक्टर श्री वैभव गालरिया तथा अतिरिक्त कलक्टर श्री गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने वीडिय़ो कान्फ्रेसिंग में भाग लिया और संभाग व अजमेर जिले की प्रगति के बारे में बताया।
जिला कलक्टर श्री वैभव गालरिया ने बताया कि अजमेर जिले की 8 पंचायत समितियों की 276 ग्राम पंचायतों में स्थित नवनिर्मित राजीव गांधी सेवा केन्द्रों पर सभी में लोक सुनवाई सहायता केन्द्र की स्थापना की जा चुकी है और यहां आवेदन लेने के लिए ग्राम रोजगार सहायक को लगाया गया है। प्रत्येक माह की 5, 12, 20 व 27 तारीख को ग्राम पंचायत स्तरीय सुनवाई आयोजित करने की व्यवस्था की गई है। पंचायत समिति स्तर पर प्रत्येक शुक्रवार को दोपहर 12 से 3 बजे के मध्य सुनवाई की व्यवस्था की गई है जिनमें ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारी भाग लेते हैं। इसी प्रकार प्रत्येक शुक्रवार को ही जिला कलक्टर की अध्यक्षता में दोपहर 12 से 3 बजे के मध्य जिला स्तर पर जनसुनवाई की जा रही है।
श्री गालरिया ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में वॉल पेन्टिंग के माध्यम से विकास की सूचना प्रकाशित करने के तहत जिले की 276 ग्राम पंचायतों में से 187 ग्राम पंचायतों में वॉल पेन्टिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है।
अतिरिक्त कलक्टर श्री गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि लोक सुनवाई सहायता केन्द्रों पर प्राप्त प्रत्येक आवेदन पत्र की रसीद दी जा रही है। अब तक इन केन्द्रों पर 1057 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 969 आवेदन का निस्तारण कर दिया गया है, शेष 88 आवेदन का निस्तारण आगामी सुनवाई तिथी को कर दिया जाएगा जो निर्धारित समय अवधि में है। अब तक इस अधिकार में 6 प्रथम अपील व 5 द्वितीय अपील प्राप्त हुई जिनका सभी का निस्तारण कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि लोक सुनवाई सहायता केन्द्र स्थापित होने के बाद आवेदन पत्र प्राप्त होने की संख्या दुगनी हो गई है।