जयपुर | फरवरी 2026: अमेज़न इंडिया ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत कृषि अवशेषों से ऐसे नए पैकेजिंग मटीरियल विकसित किए जाएंगे, जो पारंपरिक लकड़ी आधारित कागज़ और प्लास्टिक पैकेजिंग का टिकाऊ विकल्प बन सकें। इस परियोजना का उद्देश्य गैर-लकड़ी आधारित कागज़ तकनीक विकसित करना है, जिससे कृषि अवशेषों को जलाने के बजाय उपयोग में लाया जा सके और वर्जिन वुड पल्प पर निर्भरता कम हो। प्रस्तावित पैकेजिंग हल्की होने के साथ-साथ मज़बूत होगी, पूरी तरह रीसाइकल करने और घरेलू स्तर पर कंपोस्ट किए जाने योग्य होगी। शोध के तहत गेहूं की पराली और बगास (गन्ने की खोई) जैसे फसल अवशेषों से उच्च गुणवत्ता वाला पल्प तैयार किया जाएगा, जिससे ऐसे पेपर मेलर बनाए जा सकें जिनकी मजबूती और टिकाऊपन पारंपरिक पैकेजिंग के बराबर हो। यह पहल न केवल पराली जलाने की समस्या को कम करने में मदद करेगी, बल्कि आयातित वुड पल्प पर निर्भरता … Read more