“डॉ जेके गर्ग ने अपने लेखन में सजग नागरिक का दायित्व निभाया है!” -डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
“आजकल लोगों का पढ़ना बहुत कम हो गया है. अधिकांश लोग केवल उतना ही पढ़ते हैं जितना वॉट्सएप उन्हें सुलभ कराता है. बुरी बात यह है कि इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रामाणिक ज्ञानv और सूचनाओं को अप्रामाणिक और दुर्भावनापूर्ण, कूट रचित सामग्री ने पूरी तरह विस्थापित कर दिया है. राजनीतिक दलों के वेतन भोगी … Read more