अपने अगले विकास चरण को बढ़ावा देने ग्रेट लर्निंग ने एआई मेंटर और एआई टीचर लॉन्च किया

बेंगलुरु, 10 फरवरी, 2025: एआई का लाभ उठा कर अपने विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा और कौशल उन्नयन में वैश्विक अग्रणी ग्रेट लर्निंग ने एआई मेंटर और एआई टीचर का लांच किया है। ये एआई टूल्स समग्र डिजिटल शिक्षण अनुभव को बदलने के लिए तैयार हैं, जिससे दुनिया भर … Read more

निराश करती है जनप्रतिनिधि अपराध मामलों में देरी

वर्तमान और पूर्व संसद सदस्यों और विधानसभा सदस्यों के खिलाफ लंबित पांच हजार आपराधिक मामलों के निपटारे की सुनवाई कर रही एमपी-एमएलए अदालतों में कोई उल्लेखनीय प्रगति होते हुए न दिखना न केवल निराशाजनक है बल्कि यह कानून व्यवस्था की बड़ी विसंगति है। इस सन्दर्भ में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। … Read more

भक्तिकाल के समाज सुधारक परम संत गुरु रविदास

भक्ति काल मे स्वामी  रामानंदाचार्य वैष्णव भक्ति धारा के महान संत थे। संत कबीर, संत पीपा, संत धन्ना और संत रविदास उनके शिष्य थे। संत रविदास तो संत कबीर के समकालीन व गुरु भाई माने जाते हैं।  संत रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना क थी  जहां किसी भी प्रकार का लोभ, लालच, दुख, दरिद्रता, … Read more

*सीएमए ब्यावर चेप्टर ने किया यूनियन बजट एवं जीएसटी पर सेमिनार*

ब्यावर। ब्यावर चैप्टर ऑफ कोस्ट अकाउंटेंट्स द्वारा सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ब्यावर में *”यूनियन बजट एवं जीएसटी”* पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चैयरमेन सीएमए मंदीप सिंह ने बताया कि इसके अंतर्गत पेशेवरों, व्यापारियों और उद्यमियों को वित्तीय नीतियों एवं कर प्रणाली की गहन समझ प्रदान की गई। इसमें बजट और वित्तीय योजनाएँ … Read more

टीकम चंद होंगे विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित*

*27 फरवरी को रेल सप्ताह समारोह मे उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक करेंगे सम्मानित* उत्तर पश्चिम रेलवे प्रधान कार्यालय मे सोशल मीडिया कोर्डिनेटर पद पर कार्यरत श्री टीकम चंद को विशिष्ट सेवा के लिए 27 फरवरी को आयोजित रेल सप्ताह समारोह में महाप्रबंधक श्री अमिताभ द्वारा सम्मानित किया जाएगा।  अजमेर के मूल निवासी श्री टीकम … Read more

फैक्ट्रियों और गाड़ियों के उत्सर्जन जयपुर की हवा खराब करने के बड़े कारक

नए अध्ययन ने बताया, सर्दियों में सबसे ज्यादा बढ़ता है प्रदूषण जयपुर, फरवरी 2025: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर ने यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के वैज्ञानिकों के साथ किए एक नए अध्ययन में बताया है कि जयपुर में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और गाड़ियों से होने वाला उत्सर्जन है। यह रिसर्च ‘एटमॉस्फेरिक … Read more

भोजपुरी दबंग्स की धमाकेदार शुरुआत, मुंबई हीरोज को 8 विकेट से हराया

सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग 2025 में भोजपुरी दबंग्स ने अपने अभियान की जबरदस्त शुरुआत की है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मनोज तिवारी की कप्तानी वाली भोजपुरी दबंग्स ने मुंबई हीरोज को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे असगर खान, जिन्होंने अपनी दोनों … Read more

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर बैंगलोर में वार्षिक टोयोटा सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम- बैच 2, का समापन किया

बैंगलोर, फरवरी 2025: सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता पर कायम रहते हुए, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने बैंगलोर में अपने प्रमुख टोयोटा सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम (टीएसईपी) के दूसरे वार्षिक संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। इस कार्यक्रम का नाम “सड़क सुरक्षा – मेरा अधिकार, मेरी जिम्मेदारी” है, जो पूरे भारत में भविष्य के सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित सड़कों के लिए आवश्यक ज्ञान और जिम्मेदारी के साथ सशक्त बनाना जारी रखता है। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार, बैंगलोर यातायात पुलिस विभाग, श्री सुदीप दलवी, मुख्य संचार अधिकारी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और राज्य मामलों के प्रमुख, टीकेएम, ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया। स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रमुख राजदूत के रूप में शामिल करने के लिए डिज़ाइन, टीएसईपी एक परिवर्तनकारी पहल साबित हुई है जो जिम्मेदार सड़क व्यवहार को बढ़ावा देती है और परिवारों तथा समुदायों में एक लहर प्रभाव पैदा करती है। टीएसईपी की सफलता मापने योग्य परिणामों में स्पष्ट है, जिसमें प्रतिभागियों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता के स्तर में महत्वपूर्ण सुधार दिखाने वाले मूल्यांकन हैं, जो युवा शिक्षार्थियों के बीच सड़क सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देने में कार्यक्रम की प्रभावशीलता को उजागर करते हैं। भारत में हर साल सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं और यह प्रति वर्ष 1,50,000 से ज़्यादा है। सड़क दुर्घटना में होने वाले जख्मों के कारण 5-29 साल के लोगों में सबसे ज़्यादा मौतें होती हैं। इस संकट से निपटने के लिए टीकेएम ने 2007 में टीएसईपी की शुरुआत की और सड़क सुरक्षा को स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल किया। अपने “चाइल्ड टू कम्युनिटी” रुख के ज़रिए टीएसईपी ने देशभर में 800,000 से ज़्यादा छात्रों को सशक्त बनाया है। इस तरह स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा के हिमायती के रूप में बदला है। इस साल, अपनी सफलता के आधार पर टीकेएम ने बेंगलुरु और दिल्ली में कार्यक्रम बैच के समापन का जश्न मनाया। जैसे–जैसे यह पहल आगे बढ़ेगी, अगला चरण मुंबई में शुरू होगा और इसका वार्षिक आयोजन 11 फ़रवरी 2025 को होगा। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 140 स्कूलों के 70,000 से ज़्यादा छात्रों और 600 शिक्षकों को शामिल करना है। इस तरह यह सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने की अपनी प्रतिबद्धता को मज़बूत करेगा। “वास्तविक विश्व सुरक्षा” दर्शन पर आधारित, टीएसईपी सुरक्षित वाहन निर्माण, उपयोगकर्ता शिक्षा और यातायात पर्यावरण सुधारों को एकीकृत करके एक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है। कम उम्र से ही जागरूकता और जिम्मेदार सड़क व्यवहार को बढ़ावा देकर, यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को आकार देने और भारत को सुरक्षित व अधिक जिम्मेदार सड़क उपयोग की ओर ले जाने का काम जारी रखती है। कार्यक्रम एक अद्वितीय एबीसी रुख का उपयोग करता है : ·         जागरूकता : छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों और सर्वोत्तम व्यवहारों के बारे में शिक्षित करना। ·         व्यवहार परिवर्तन : सकारात्मक और जिम्मेदार सड़क उपयोग की आदतों को प्रोत्साहित करना। ·         अभियान : इंटरैक्टिव और प्रभावशाली गतिविधियों के माध्यम से सहभागिता बढ़ाना। यह व्यापक संरचना न केवल छात्रों को जोड़ती है, बल्कि शिक्षकों के लिए संरचित प्रशिक्षण प्रदान करके स्कूलों को भी मजबूत बनाती है, उन्हें अपने पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा शिक्षा को एकीकृत करने और दीर्घकालिक सामुदायिक प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए तैयार करता है। भाग लेने वाले स्कूलों में सड़क सुरक्षा क्लब बनाकर, कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि साथी से साथी सीखें और सहयोगी पहल के माध्यम से निरंतर जुड़ाव सुनिश्चित हो। बैंगलोर के इस कार्यक्रम की एक खास विशेषता छात्रों की रचनात्मक भागीदारी थी , जिन्होंने पोस्टर बनाने, स्किट, गाने, मैड ऐड्स और तथ्य–आधारित वीडियो प्रस्तुतियों जैसी गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के बारे में अपनी समझ का प्रदर्शन किया। इन इंटरैक्टिव प्रारूपों ने सीखने को आकर्षक और प्रभावशाली बना दिया, साथ ही सुरक्षित सड़कों के लिए अभिनव समाधानों को प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन एक पुरस्कार समारोह के साथ हुआ। इसमें छात्रों, शिक्षकों और स्कूलों के असाधारण प्रयासों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम के प्रभाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अभिनव योगदान ने सड़क सुरक्षा के संदेश को ज्यादा दर्शकों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि – डॉ. अनिल कुमार, बैंगलोर यातायात पुलिस विभाग ने कहा, “टोयोटा सुरक्षा शिक्षा जैसे कार्यक्रम जिम्मेदार सड़क व्यवहार को बढ़ावा देने में प्रारंभिक शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी के शक्तिशाली प्रभाव को प्रदर्शित करते हैं। स्कूली बच्चों पर ध्यान केंद्रित करके, टीकेएम सफलतापूर्वक एक पीढ़ी को अपने परिवारों और समुदायों में बदलाव का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बना रहा है। छात्रों द्वारा दिखाई गई रचनात्मकता और उत्साह सड़क सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को प्रेरित करने में इस पहल की प्रभावशीलता को उजागर करता है। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टोयोटा का समर्पण राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों की दिशा में कॉर्पोरेट योगदान के लिए एक सराहनीय मानक स्थापित करता है।“ अपने विचार साझा करते हुए , टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के मुख्य संचार अधिकारी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और राज्य मामलों के प्रमुख, श्री सुदीप दलवी ने कहा , “टोयोटा में, सड़क सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सुरक्षित कारों के निर्माण से कहीं आगे तक फैली हुई है; हम समाज के साथ मिलकर आगे बढ़ने और जिस समुदाय की सेवा करते हैं उसके लोगों  के जीवन को समृद्ध बनाने का प्रयास करते हैं। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और व्यवहार में बदलाव लाने के ज़रिए, हमारा लक्ष्य सभी के लिए एक सुरक्षित भविष्य बनाना है। 2007 से, टोयोटा सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम जैसी पहल के माध्यम से, हम 800,000 से अधिक छात्रों तक पहुँच चुके हैं, उन्हें  ‘सड़क सुरक्षा राजदूत‘ बनने के लिए सशक्त बना रहे हैं जो अपने परिवारों और समुदायों में सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करते हैं। यह समग्र दृष्टिकोण समाज को वापस देने और सड़क सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के हमारे मूल दर्शन का प्रतिबिंब है। अपने भागीदारों के साथ मिलकर, हम शून्य सड़क दुर्घटनाओं के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने और पूरे देश में जिम्मेदार सड़क व्यवहार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं।” टीकेएम ने वर्ष 2001 से शिक्षा, पर्यावरण, सड़क सुरक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन से जुड़ी पहलों के माध्यम से सामुदायिक विकास में सक्रिय रूप से योगदान दिया है । इन प्रयासों से, टीकेएम ने 2.3 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, जिससे सुरक्षित, स्वस्थ और अधिक सशक्त समुदाय बनाने के अपने मिशन को बल मिला है। जैसे–जैसे टीएसईपी का विकास जारी है, टीकेएम सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मौत करने और भारत को सुरक्षित तथा अधिक जिम्मेदार सड़क उपयोग की संस्कृति की ओर ले जाने के लिए भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने के अपने दृष्टिकोण पर अडिग है ।

वर्धमान इंटरनेशनल स्कूल मे एनुअल इवेंट्स सैफरोन फन फिएस्टा सेलिब्रेट किया गया

श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान वर्द्धमान इंटरनेशनल स्कूल ‘वर्द्धमान रूट्स  मे एनुअल इवेंट्स सैफरोन फन फिएस्टा सेलिब्रेट किया गया | वर्द्धमान रूट्स में अध्यनरत सभी बच्चों के माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी एवं समस्त रिश्तेदारों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। कार्यक्रम का शुभारम्भ में श्रीमती अर्पिता शर्मा द्वारा फीता काटा गया | … Read more

रिलायंस ने स्पोर्ट्स ड्रिंक बाजार में रखा कदम, लॉन्च की 10 रुपए में ‘स्पिनर’

लॉन्च के साथ की आईपीएल टीमों के साथ साझेदारी मुंबई, 10 फरवरी 2025: रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आरसीपीएल) ने नया स्पोर्ट्स ड्रिंक ‘स्पिनर’ लॉन्च किया है, जिसे स्पिन के जादूगर मुथैया मुरलीधरन के साथ मिलकर बनाया गया है। यह भारत का सबसे किफायती स्पोर्ट्स ड्रिंक है और सिर्फ 10 रुपए में उपलब्ध होगा। इलेक्ट्रोलाइट्स से … Read more

प्राचीन एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय की आवश्यकता- देवनानी

अजमेर, 10 फरवरी। महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान एवं आहार तथा पोषण संकाय द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के तत्वावधान में पादप आधारित न्यूट्रास्यूटिकल्स और चिकित्सा पर नवीन अनुसंधान विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस का आयोजन विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के … Read more

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