विश्व गुरु शिक्षक
माता-पिता के दायित्वों से भी अधिक शिक्षक अपने दायित्वों का पालन करते हैं, विद्यार्थियों को शिक्षित बनाने के लिए शांति पूर्वक अपनी भूमिका निभाते रहते हैं। सोनार,लोहार,कुम्हार की तरह बनकर शिक्षक ज्ञान का सुन्दर आकार भर देते हैं, एक सड़क की तरह स्वयं वहीं रहकर विद्यार्थियों को मंजिल तक पहुंचा देते हैं। शिक्षक निष्ठा पूर्वक … Read more