दीक्षा केवल रूहानी कर्म है
दीक्षा रूहानी कर्म है। यह गुरु की ऐसी कृपा है जो शिष्य को आत्मबोध कराती है। उसे परम सत्ता तक ले जाती है। दीक्षा का दुनियावी सुख-भोग से कोई संबंध नहीं है। रोटी, कपड़ा, मकान, बरकत आदि के लिए महात्मागण अलग-अलग मंत्र देते हैं। अपनी संकल्प शक्ति से भी सुख-भोग उपलब्ध करा देते हैं। किंतु … Read more