भक्ति का भौतिक शरीर से संबंध नहीं है

भक्ति का संबंध भाव से है, शरीर से नहीं। शरीर तो हमें भक्ति के लिए जीवित रखे हुए है; बस। इबादत, सुमिरन, भक्ति आदि ईश्वर के भाव से आरंभ होती है और उसी भाव में डूबने तक पहुंचती है। परमात्मा के भाव में डूबना यानि तन्मय हो जाना। फिर उसी भाव में उठना-बैठना, खाना-पीना, काम-धंधा … Read more

शून्य भेदभाव अभियान मिसाल नहीं, मशाल बनें

शून्य भेदभाव दिवस- 1 मार्च, 2025 दुनिया में भेदभाव की ऊंची-ऊंची दीवारों पर अमानवीयता, छूआछूत, अन्याय, शोषण, उत्पीड़न के काले अध्याय लिखे हैं, इनके खिलाफ़ लड़ाई के लिए बहुआयामी, उदार एवं मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो मूल कारणों एवं जड़ों पर प्रहार करते हुए सामाजिक-राजनैतिक मानदंडों को चुनौती दे और पहचान के विभिन्न आयामों … Read more

अजब कहानी प्रेम की (राधा- कृष्ण-गोपियां)

कृष्ण के प्रेम में आत्मविभोर गोपियां; बेखुद गोपियां, बेसुध गोपियां। कैसा था वह प्रेम जो कि माखन चुराने से प्रारंभ हुआ था, चीरहरण में परिभाषित हुआ, रास में रसमय हुआ और महारास में संपूर्ण हुआ! कैसा था वह कृष्ण प्रेम! मां-बेटी, सास-बहू, जेठानी-देवरानी सब की सब उधर ही भाग रही हैं। तवे की रोटी छोड़कर, … Read more

शिवरात्रि है शिव से साक्षात्कार का महापर्व

महाशिवरात्रि- 26 फरवरी 2025 पर विशेष आदि देव महादेव शिव सभी देवताओं में सर्वोच्च हैं, महानतम हैं, दुःखों को हरने एवं पापों का नाश करने वाले हैं। वे कल्याणकारी हैं तो संहारकर्ता भी हैं। वे आशुतोष है तो भोले शंकर भी है, एक ओर जन-जन के आदर्श है तो दूसरी ओर साधकों के साधक। भगवान … Read more

हमारे यहां गधें रहते हैं !

उस स्थान पर अपने धंधे में गधे को वाहन के रूप में इस्तेमाल करने वाली तीन- चार जातियाँ मुख्य थी। एक बार उनमें से एक आदमी किसी काम से दिल्ली गया। वहां ITO पुल के पास एक बोर्ड देखा जिस पर लिखा था “यहाँ हाथी रहते हैं” बोर्ड पर यह नही दर्शाया गया था कि … Read more

विस्मृत कल्पतरू ( हमारे गुरूदेव का प्रसंग)

हजरत किसी समारोह में थे। अनेक साधक और श्रृद्धालु बैठे हुए दे। चिसी की बात  के संददर्भ में वे बोले __ अमृत का घङ़ा लिए हुए बैठा हूं। कोई  पीने वाला ( नचिकेता) आए तो पिलाऊं।  यह अंदर वाले कल्प तरू की बात थी। मूलाधार चक्र से सहस्त्रार  चक्र तक ले जाने का वचन था। … Read more

उड़ता तीर

बजट से बल्ले बल्ले। राज्य की भजन लाल सरकार का दूसरा बजट आ गया है इस बजट में बड़ी घोषणा तो नहीं की गई लेकिन मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा गया है लगता है मुख्यमंत्री समझ गए हैं कि अभी ताबड़ तोड़ काम करने से कुछ नहीं मिलने वाला है जो करना है बड़ा काम … Read more

वकील भाईयों जीत का जश्न मनाओ

*आप सभी के अटूट प्रयासों, एकता और दृढ़ संकल्प का ही यह परिणाम है कि केंद्र सरकार ने अधिवक्ता (संशोधन) अधिनियम बिल 2025 को रिवाइज करने का निर्णय लिया है और कंसलटेशन प्रोसेस को फिलहाल रोक दिया गया है।* *यह हमारी वकील समाज की एकजुटता और एकता की ऐतिहासिक जीत है। हम सभी ने मिलकर … Read more

शांति की संस्कृति एवं समझ को विकसित करने जरूरत

विश्व शांति और समझ दिवस- 23 फरवरी, 2025 एक शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण, विविध संस्कृतियों, धर्मों और क्षेत्रों के बीच सद्भाव, करुणा और सहयोग की स्थायी भावना की अपेक्षा को आकार देने के लिये हर वर्ष विश्व शांति एवं समझ दिवस 23 फरवरी को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। यह अवसर मानवीय … Read more

वकील संशोधन बिल, 2025 का विरोध क्यों जरूरी है?

आज मैं आपको वकील संशोधन बिल 2025 Advocate Amendment Bill 2025  के खिलाफ अपनी बात रखने जा रहा हूँ यह बिल वकीलों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करता है और उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास करता है। आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं कि यह बिल क्यों गलत है और इसका विरोध क्यों … Read more

मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता की चुनौतियां

भारतीय जनता पार्टी ने फिर एक बार दिल्ली मुख्यमंत्री के रूप में श्रीमती रेखा गुप्ता के नाम को लेकर न केवल चौंकाया बल्कि एक तीर से अनेक निशाने साधे हैं। रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने एक साथ कई समीकरणों को साधने का प्रयास किया है। इस चौंकाने वाले फैसले के पीछे भाजपा की … Read more

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