जोडी का क्या महत्व है?

यह जगत द्वैत है। दो तत्वों से मिल कर बना है। दोनों का महत्व है। किसी एक को छोडा नहीं जा सकता। इसलिए जोडी की महत्ता है। जोड़ी का महत्व अलग-अलग संदर्भों में अलग अर्थ रखता है। आपको ख्याल में होगा कि सनातन धर्म में यज्ञ-हवन पूर्ण तभी होता है, जब यजमान जोडी में हो। … Read more

शव यात्रा देखने को शुभ क्यों माना जाता है?

हमारे यहां लोग शगुन को बहुत महत्व देते हैं। यदि आप घर से कहीं जा रहे हैं तो सामने पानी से भरा घड़ा सिर पर रख कर लाती महिला, झाड़ू लगाती हरिजन महिला, गाय आदि आने पर शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा होने पर आप जिस काम से जा रहे हैं, उसके … Read more

काबा शरीफ की परिक्रमा एंटी क्लॉक वाइज होती है

क्या आप जानते हैं कि काबा शरीफ की परिक्रमा, जिसे तवाफ कहा जाता है, एंटी-क्लॉकवाइज होती है। मुसलमान जब मक्का शरीफ में उमरा या हज के दौरान तवाफ करते हैं, तो वे काबा के चारों ओर बाएं कंधे को काबा की तरफ रखते हुए घड़ी की सुइयों के उलटे यानि एंटी क्लॉक वाइज दिशा में … Read more

786 का मतलब व महत्व क्या है?

786 की संख्या अरबी भाषा में बिस्मिल्लाह-हिर्रहमा-निर्रहीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रयोग की जाती है। यह एक छोटी सी दुआ है, जो कुरआन के प्रत्येक अध्याय के आरम्भ में लिखी जाती है। इसका मतलब है अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला है। इस्लाम धर्म में कोई भी काम शुरू … Read more

क्या है मन्त्रों का वैज्ञानिक आधार?

हमारी संस्कति में मंत्रों का बहुत महत्व है। इस बारे में विद्वानों का मानना है कि मंत्र ध्वनि का सूक्ष्मतम विज्ञान है। मंत्र शरीर के अन्दर से सूक्ष्म ध्वनि को विशिष्ट तरंगों में बदल कर ब्रह्मांड में प्रवाहित करने की क्रिया है, जिससे बड़े-बड़े कार्य किये जा सकते हैं। प्रत्येक अक्षर का विशेष महत्व है। … Read more

सवाये का क्या महत्व है?

आजकल या तो दूध थैलियों में आता है या दूध वाला नाप कर भी देता है तो पूरा उतना ही, जितना उसे कहा जाता है। एक समय था, जब दूध वाले से एक या दो किलो, जो भी उसे कहा जाता था, तो वह उतना दूध देने के बाद ऊपर से थोड़ा अलग से दूध … Read more

योगी को पसीना कम क्यों आता है?

आज आपको एक दिलचस्प जानकारी देते हैं। वो यह कि योगी को पसीना कम आता है। हालांकि यह कोई नियम नहीं है, बल्कि प्राकृतिक परिणाम है। योग शास्त्र के अनुसार पसीना केवल गर्मी से नहीं, अपितु असंतुलित प्राण-प्रवाह से भी आता है। सामान्य व्यक्ति के प्राण पिंगला, जो कि उश्ण होती है, में अधिक रहता … Read more

चिता में लकडी समर्पित क्यों की जाती है?

आप जानते हैं कि किसी भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार का समापन मौजूद लोगों की ओर से लकडी के समर्पण से होता है। हर व्यक्ति पूरी श्रद्घा से चिता में लकडी डालता है। लेकिन आपने कभी विचार किया है कि ऐसा क्यों किया जाता है। यह केवल ईंधन नहीं, बल्कि अंतिम सहभागिता का प्रतीक है … Read more

छछुंदर के सिर पर चमेली का तेल

लोकजीवन की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहावतें हैं। बिना भाषण दिए, बिना तर्कों का बोझ लादे, वे पूरी बात कह जाती हैं। ऐसी ही एक तीखी, व्यंग्य से भरी कहावत है “छछुंदर के सिर पर चमेली का तेल।” यह कहावत जितनी साधारण दिखती है, उतनी ही गहरी सामाजिक टिप्पणी अपने भीतर समेटे हुए है। छछुंदर … Read more

हमारा हमजाद हमसे भी अधिक ताकतवर होता है?

क्या आपको पता है कि हमारी ही फोटोकॉपी, हमारा ही प्रतिरूप, हमारा ही प्रतिबिंब, हमारी ही छाया या उसे क्लोन की भी संज्ञा दे सकते हैं, हमारे साथ हर वक्त मौजूद है? इतना ही नहीं, वह हमसे भी अधिक ताकतवर होता है। हम चूंकि शरीर में कैद हैं, इस कारण हमारी सीमा है, मगर हमारा … Read more

नेत्रहीन स्मृति कैसे संग्रहित करते हैं?

नेत्रहीन स्मृति को कैसे संग्रहित करते हैं, आम तौर पर यह प्रश्न लोगों के जेहन में उठता है। इस बारे में चैट जीपीटी से सवाल किया गया तो उसका कहना था कि यह मनोविज्ञान, तंत्रिका-विज्ञान और दर्शन, तीनों से जुड़ा हुआ है। नेत्रहीन व्यक्ति के मस्तिष्क में भी चित्र बनते हैं, लेकिन उनका स्वरूप इस … Read more

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