चिता में लकडी समर्पित क्यों की जाती है?

आप जानते हैं कि किसी भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार का समापन मौजूद लोगों की ओर से लकडी के समर्पण से होता है। हर व्यक्ति पूरी श्रद्घा से चिता में लकडी डालता है। लेकिन आपने कभी विचार किया है कि ऐसा क्यों किया जाता है। यह केवल ईंधन नहीं, बल्कि अंतिम सहभागिता का प्रतीक है … Read more

छछुंदर के सिर पर चमेली का तेल

लोकजीवन की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहावतें हैं। बिना भाषण दिए, बिना तर्कों का बोझ लादे, वे पूरी बात कह जाती हैं। ऐसी ही एक तीखी, व्यंग्य से भरी कहावत है “छछुंदर के सिर पर चमेली का तेल।” यह कहावत जितनी साधारण दिखती है, उतनी ही गहरी सामाजिक टिप्पणी अपने भीतर समेटे हुए है। छछुंदर … Read more

हमारा हमजाद हमसे भी अधिक ताकतवर होता है?

क्या आपको पता है कि हमारी ही फोटोकॉपी, हमारा ही प्रतिरूप, हमारा ही प्रतिबिंब, हमारी ही छाया या उसे क्लोन की भी संज्ञा दे सकते हैं, हमारे साथ हर वक्त मौजूद है? इतना ही नहीं, वह हमसे भी अधिक ताकतवर होता है। हम चूंकि शरीर में कैद हैं, इस कारण हमारी सीमा है, मगर हमारा … Read more

नेत्रहीन स्मृति कैसे संग्रहित करते हैं?

नेत्रहीन स्मृति को कैसे संग्रहित करते हैं, आम तौर पर यह प्रश्न लोगों के जेहन में उठता है। इस बारे में चैट जीपीटी से सवाल किया गया तो उसका कहना था कि यह मनोविज्ञान, तंत्रिका-विज्ञान और दर्शन, तीनों से जुड़ा हुआ है। नेत्रहीन व्यक्ति के मस्तिष्क में भी चित्र बनते हैं, लेकिन उनका स्वरूप इस … Read more

क्या शुभ मुहूर्त बेमानी है?

भारतीय संस्कृति में सभी कार्य शुभ मुहूर्त में ही करने की परंपरा है। ऐसा कार्य की सफलता के लिए किया जाता है। इसके प्रति लोगों में गहरी आस्था है। विवाह, भवन निर्माण, दुकान के उद्घाटन इत्यादि बड़े कार्यों में तो शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा ही जाता है, कई लोग छोटे-छोटे कार्य भी चोघडिय़ा … Read more

क्या भूत-प्रेत के पैर उलटे होते हैं?

लोकविश्वासों और कथाओं में भूत-प्रेत के पैर उलटे होने की धारणा बहुत प्रचलित है, लेकिन इसे समझना जरूरी है कि यह आस्था और लोककथा का विषय है, वास्तविकता या विज्ञान का नहीं। उत्तर भारत, राजस्थान, सिंधी लोकविश्वास और बंगाल की कथाओं में कहा जाता है कि डायन, चुड़ैल या प्रेत के पैर आगे से नहीं, … Read more

नंगे पैर रहने से अनेकानेक लाभ

नंगे पैर रहने या चलने के कई शारीरिक, मानसिक और पारंपरिक लाभ माने गए हैं। कुछ विज्ञान से जुड़े हैं, कुछ अनुभव और संस्कृति से। नंगे पैर रहने से पैरों की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं। जूते पैरों को सहारा देते हैं, जबकि नंगे पैर चलने से प्राकृतिक संतुलन बनता है और मांसपेशियाँ सक्रिय रहती हैं। … Read more

देवी-देवताओं के वाहन पशु-पक्षी

देवी और देवता 33 प्रकार के होते हैं। प्रत्येक देवी और देवता का एक वाहन होता है। देवी-देवताओं ने अपने वाहन के रूप में कुछ पशु या पक्षियों को चुना है, तो इसके पीछे उनकी विशिष्ठ योग्यता ही रही है। अध्यात्मिक, वैज्ञानिक और व्यवहारिक कारणों से भारतीय मनीषियों ने भगवानों के वाहनों के रूप में … Read more

पीछे से आवाज क्यों नहीं दी जाती?

हम सब जानते हैं कि जब भी कोई किसी काम से रवाना होता है तो जाते समय उसको पीछे से आवाज नहीं दिया करते। इसे अपशकुन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि पीछे से आवाज देने पर उस कार्य के संपन्न होने में संशय उत्पन्न हो जाता है, जिसके लिए वह निकला है। इसके … Read more

दो कोडी की कोडी है बेशकीमती जनाब

आपने कोडी देखी होगी। यूं तो उसकी कोई कीमत नहीं मानी जाती, मगर है वह बेषकीमती। आइये, जानते हैं कि वह अनूठी और बेषकीमती कैसे है। आज भले ही मुद्रा के रूप में सिक्के चलन में है, मगर पुराने समय में उसका उपयोग सिक्के के रूप में प्रयोग होता था। विवाह, पूजा, तांत्रिक साधनाओं, खेल-कूद, … Read more

पंचक में मरने वाला 4 अन्य को भी ले जाता है?

हमारे यहां लोकविश्वास और ज्योतिषीय परंपराओं में यह मान्यता है कि पंचक में मरने वाला व्यक्ति चार अन्य को भी साथ ले जाता है। पहले यह जानते हैं कि पंचक क्या होता है? पंचक पांच नक्षत्रों का समूह है। धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती। जब चंद्रमा इन पांच नक्षत्रों में से किसी में होता … Read more

error: Content is protected !!