देवी-देवताओं के वाहन पशु-पक्षी

देवी और देवता 33 प्रकार के होते हैं। प्रत्येक देवी और देवता का एक वाहन होता है। देवी-देवताओं ने अपने वाहन के रूप में कुछ पशु या पक्षियों को चुना है, तो इसके पीछे उनकी विशिष्ठ योग्यता ही रही है। अध्यात्मिक, वैज्ञानिक और व्यवहारिक कारणों से भारतीय मनीषियों ने भगवानों के वाहनों के रूप में … Read more

पीछे से आवाज क्यों नहीं दी जाती?

हम सब जानते हैं कि जब भी कोई किसी काम से रवाना होता है तो जाते समय उसको पीछे से आवाज नहीं दिया करते। इसे अपशकुन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि पीछे से आवाज देने पर उस कार्य के संपन्न होने में संशय उत्पन्न हो जाता है, जिसके लिए वह निकला है। इसके … Read more

दो कोडी की कोडी है बेशकीमती जनाब

आपने कोडी देखी होगी। यूं तो उसकी कोई कीमत नहीं मानी जाती, मगर है वह बेषकीमती। आइये, जानते हैं कि वह अनूठी और बेषकीमती कैसे है। आज भले ही मुद्रा के रूप में सिक्के चलन में है, मगर पुराने समय में उसका उपयोग सिक्के के रूप में प्रयोग होता था। विवाह, पूजा, तांत्रिक साधनाओं, खेल-कूद, … Read more

पंचक में मरने वाला 4 अन्य को भी ले जाता है?

हमारे यहां लोकविश्वास और ज्योतिषीय परंपराओं में यह मान्यता है कि पंचक में मरने वाला व्यक्ति चार अन्य को भी साथ ले जाता है। पहले यह जानते हैं कि पंचक क्या होता है? पंचक पांच नक्षत्रों का समूह है। धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती। जब चंद्रमा इन पांच नक्षत्रों में से किसी में होता … Read more

क्या चीन के गणेशजी हैं लाफिंग बुद्धा?

भारतीय संस्कृति में जिस प्रकार गणेश जी को षुभ का प्रतीक माना जाता है, उसी प्रकार चीन में लाफिंग बुद्धा को शुभ व संपत्ति का देवता माना जाता है। गणेश जी की पूजा हर शुभ कार्य से पहले होती है, उसी प्रकार वर्तमान दौर में लाफिंग बुद्धा को घर-दुकान में वास्तु को बेहतर बनाने व … Read more

दूध पी कर हम बछडे का हक मार रहे हैं?

यह सवाल अरसे से बहस का विषय रहा है कि गाय-भैंस का दूध किसके लिए है, क्या हम उसे पी कर बछड़े का हक मारते हैं? प्रकृति के अनुसार हर स्तनधारी का दूध उसके नवजात शिशु के लिए ही होता है, यह बात मनुष्य, गाय, बकरी, भैंस, हाथी और व्हेल, सब पर लागू होती है। … Read more

बहुत महिमा है परिक्रमा की

हमारे यहां धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों, मंदिरों में मूर्तियों, पेडों आदि की परिक्रमा की परंपरा है। यह सदियों पुरानी है, जिसका वर्णन हमारे वेदों में धर्म ग्रंथों में मिलता है। दरअसल जिन पवित्र स्थानों की परिक्रमा की जाती है, उसके चारों तरफ एक शक्तिशाली आध्यात्मिक आभा ऊर्जा मौजूद होती है, जो हमारे अंदर प्रवेश कर एक दिव्यता … Read more

आज का राशिफल व पंचांग : 6 मई, 2026, बुधवार

आज और कल का दिन खास 06 मई 2026 : विश्व अस्थमा दिवस आज। 07 मई 2026 : भुवनेश्वरी मां का पाटोत्सव कल। आज का राशिफल ***************** 06 मई, 2026, बुधवार ================= मेष राशि : अनजान लोगों से संबंध स्थापित होंगे। जीवनशैली में परिवर्तन से लोग अचंभित होंगे। आय के नए स्रोत सामने आयेंगे। अपने … Read more

आरती के समय शंख क्यों बजाया जाता है?

विष्णु एवं लक्ष्मी का प्रतीक शंख भगवान विष्णु के दाएं हाथ में रहता है और इसे मां लक्ष्मी का आवास भी माना गया है। आरती, अभिषेक और यज्ञोपवीत के समय शंखनाद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शंख ध्वनि से वातावरण की नकारात्मकता दूर होती हैं। युद्ध प्रारम्भ और विजय के बाद भी शंख … Read more

ज्योतिष विज्ञान है या अंधविश्वास?

कुछ लोग ज्योतिष को अंधविश्वास मानते हैं, वहीं ज्योतिष को विज्ञान मानने वालों की भी कमी नहीं है। इस सिलसिले में विस्तृत चर्चा के दौरान ज्योतिषी व हस्तरेखा विशेषज्ञ राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि ज्योतिष पूर्ण विज्ञान है, क्योंकि हमारी सनातन संस्कृति का आधार वेद है, जो पूर्ण विज्ञान है और ज्योतिष वेदों का छठा … Read more

उसी तिथी पर श्राद्ध क्यों, जिस पर मृत्यु होती है?

क्या आपने कभी विचार किया है कि श्राद्ध पक्ष में हम मृतात्मा को उसी तिथी पर श्राद्ध मनाते हुए ब्राह्मण को भोजन करवाते हैं, जिस पर उनकी मृत्यु हुई होती है? वस्तुतः हिंदू परंपरा में जिस तिथि (यानि चंद्र तिथि) पर मृत्यु हुई थी, उसी तिथि पर हर वर्ष श्राद्ध किए जाने के पीछे धार्मिक, … Read more

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