क्या चीन के गणेशजी हैं लाफिंग बुद्धा?

भारतीय संस्कृति में जिस प्रकार गणेश जी को षुभ का प्रतीक माना जाता है, उसी प्रकार चीन में लाफिंग बुद्धा को शुभ व संपत्ति का देवता माना जाता है। गणेश जी की पूजा हर शुभ कार्य से पहले होती है, उसी प्रकार वर्तमान दौर में लाफिंग बुद्धा को घर-दुकान में वास्तु को बेहतर बनाने व … Read more

दूध पी कर हम बछडे का हक मार रहे हैं?

यह सवाल अरसे से बहस का विषय रहा है कि गाय-भैंस का दूध किसके लिए है, क्या हम उसे पी कर बछड़े का हक मारते हैं? प्रकृति के अनुसार हर स्तनधारी का दूध उसके नवजात शिशु के लिए ही होता है, यह बात मनुष्य, गाय, बकरी, भैंस, हाथी और व्हेल, सब पर लागू होती है। … Read more

बहुत महिमा है परिक्रमा की

हमारे यहां धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों, मंदिरों में मूर्तियों, पेडों आदि की परिक्रमा की परंपरा है। यह सदियों पुरानी है, जिसका वर्णन हमारे वेदों में धर्म ग्रंथों में मिलता है। दरअसल जिन पवित्र स्थानों की परिक्रमा की जाती है, उसके चारों तरफ एक शक्तिशाली आध्यात्मिक आभा ऊर्जा मौजूद होती है, जो हमारे अंदर प्रवेश कर एक दिव्यता … Read more

आज का राशिफल व पंचांग : 6 मई, 2026, बुधवार

आज और कल का दिन खास 06 मई 2026 : विश्व अस्थमा दिवस आज। 07 मई 2026 : भुवनेश्वरी मां का पाटोत्सव कल। आज का राशिफल ***************** 06 मई, 2026, बुधवार ================= मेष राशि : अनजान लोगों से संबंध स्थापित होंगे। जीवनशैली में परिवर्तन से लोग अचंभित होंगे। आय के नए स्रोत सामने आयेंगे। अपने … Read more

आरती के समय शंख क्यों बजाया जाता है?

विष्णु एवं लक्ष्मी का प्रतीक शंख भगवान विष्णु के दाएं हाथ में रहता है और इसे मां लक्ष्मी का आवास भी माना गया है। आरती, अभिषेक और यज्ञोपवीत के समय शंखनाद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शंख ध्वनि से वातावरण की नकारात्मकता दूर होती हैं। युद्ध प्रारम्भ और विजय के बाद भी शंख … Read more

ज्योतिष विज्ञान है या अंधविश्वास?

कुछ लोग ज्योतिष को अंधविश्वास मानते हैं, वहीं ज्योतिष को विज्ञान मानने वालों की भी कमी नहीं है। इस सिलसिले में विस्तृत चर्चा के दौरान ज्योतिषी व हस्तरेखा विशेषज्ञ राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि ज्योतिष पूर्ण विज्ञान है, क्योंकि हमारी सनातन संस्कृति का आधार वेद है, जो पूर्ण विज्ञान है और ज्योतिष वेदों का छठा … Read more

उसी तिथी पर श्राद्ध क्यों, जिस पर मृत्यु होती है?

क्या आपने कभी विचार किया है कि श्राद्ध पक्ष में हम मृतात्मा को उसी तिथी पर श्राद्ध मनाते हुए ब्राह्मण को भोजन करवाते हैं, जिस पर उनकी मृत्यु हुई होती है? वस्तुतः हिंदू परंपरा में जिस तिथि (यानि चंद्र तिथि) पर मृत्यु हुई थी, उसी तिथि पर हर वर्ष श्राद्ध किए जाने के पीछे धार्मिक, … Read more

एक ही जगह व समय पर होने वाले बच्चों का भाग्य अलग क्यों?

एक ही अस्पताल, एक ही वार्ड, यहां तक कि एक ही समय पर जन्म लेने वाले बच्चों का भाग्य बिल्कुल अलग क्यों होता है, यह प्रश्न सदियों से ज्योतिष, दर्शन और मनोविज्ञान में चर्चा का विषय है। वस्तुतः कुंडली समय व स्थान के आधार पर बनाई जाती है, ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है। … Read more

क्या है चरण स्पर्श करने की कीमिया?

भारतीय परंपरा में प्राचीनकाल से माता-पिता, गुरुओं, बडे बुजुर्गों आदि के चरण स्पर्श करने का चलन है। ऐसी मान्यता है कि कोई भी व्यक्ति कितना ही क्रोधी स्वभाव का हो, अपवित्र भावनाओं वाला हो, यदि उसके भी चरण स्पर्श किये जाते हैं, तो उसके मुख से आषीर्वाद, दुआएं, सदवचन ही निकलता है। वस्तुतः मनुष्य के … Read more

पेन को पकडने का सही तरीका क्या है?

मनोवैज्ञानिकों में यह सवाल चर्चा का मुद्दा रहा है कि पेन पकडने का सही तरीका क्या है? ज्योतिष व सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार लिखते समय पेन को चारों अंगुलियां व अंगूठा स्पर्श करना चाहिए। इससे आपकी लेखनी में सभी ग्रहों का सहयोग होता है और उसमें पूर्णता आती है। यह एक आदर्श स्थिति है। वैसे … Read more

क्या भगवान के नाम पर नाम रखना गुनाह है?

आजकल बच्चों के नाम अलग तरह से रखे जाने लगे हैं। कोई संस्कृत भाषा का नाम तलाशता है तो कोई अंग्रेजीदां। कोई महाभारत कालीन या रामायण कालीन पात्रों के नाम रखता है तो कोई अत्याधुनिक अंग्रेजी नाम रखता है। जैसे भीष्म, कुन्ती, कर्ण, युधिष्ठिर, भीम, नकुल, कौस्तुभ या अर्जुन और दशरथ, सीताराम, लक्ष्मण, हनुमान इत्यादि। … Read more

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