जानिए की किस मन्त्र के जाप से किस दिशा का होगा वास्तु दोष कम

आजकल शायद ही कोई ऐसा घर हो जो वास्तु दोष से मुक्त हो। वास्तु दोष का प्रभाव कई बार देर से होता है तो कई बार इसका प्रभाव शीघ्र असर दिखने लगता है। पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार इसका कारण यह है कि सभी दिशाएं किसी न किसी ग्रह और देवताओं के प्रभाव में होते … Read more

भगवान गणेश

गणेश शब्द का अर्थ है गणों का स्वामी । हमारे शरीर में पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ, पाँच कर्मेन्द्रियाँ और चार अन्तःकरण हैं , यानि 14 और इन14के पीछे जो शक्तियाँ हैं उन्हीं को चौदह देवता कहते हैं। इन देवताओं के मूल प्रेरक हैं भगवान् श्रीगणेश। वस्तुतः भगवान् गणपति शब्द ब्रह्म अर्थात् ओंकार के प्रतीक हैं | श्रीगणपत्यथर्वशी्ष … Read more

क्या हैं एक मुखी गोल रुद्राक्ष

भगवान शिव ने समस्त लोगों के कल्याण के लिए अपने नेत्रों से आंसू के रूप में रुद्राक्ष उत्पन्न किए चूँकि भगवान शिव कल्याण करने वाले देवता हैं इसलिए उनकी आँख से प्रथम आंसू गिरते ही एक मुखी रुद्राक्ष उत्पन्न हुए इसलिए एक मुखी गोल रुद्राक्ष को सबसे महत्वपूर्ण और कल्याणकारी रुद्राक्ष माना गया है | … Read more

मैत्री का विराट् दर्शन है क्षमापना दिवस

– गणि राजेन्द्र विजय – भारतीय संस्कृति में पर्वों का अत्यधिक महत्व एवं प्रभाव रहा है। समय-समय पर सर्वत्र-दीवाली, होली, रक्षाबंधन, दशहरा आदि अनेक भौतिक पर्व मनाये जाते हैं। किन्तु जैनधर्म त्याग प्रधान धर्म है। इसके पर्व भी त्याग-तप की प्रभावना के पर्व हैं। जैनधर्म में तीन पर्वों को विशेष महत्व दिया जाता है। 1. … Read more

गणेशजी की विशिष्ट शारिरिक संरचना एवम् आज के परिपेक्ष में उसका महत्व

गणपति आदिदेव हैं जिन्होंने हर युग में अलग अवतार लिया। उनकी शारीरिक संरचना में भी विशिष्ट व गहरा अर्थ छुपा हुआ है। शिवमानस पूजा में श्री गणेश को प्रणव (ॐ) कहा गया है। इस एकाक्षर ब्रह्म में ऊपर वाला भाग गणेश का मस्तक, नीचे का भाग उदर, चंद्रबिंदु लड्डू और मात्रा सूँड है। गणेशजी की … Read more

गणेश चतुर्थी पर शुभ मुहूर्त

मंगलमूर्ति , विघ्नहर्ता श्री गणेश जी महाराज कीे प्रतिष्ठापना के शुभ मुहू्त ।। ध्यान रखे गणपति पूजन या स्थापना के एक दिन पूर्व सिझारा किया जाता हैं अर्थात छोटे बच्चों को गणेश जी का प्रतिक मानकर उन्हें मेहंदी लगाई जाती हैं।।। दि .17 / 09 /2015 (गुरुवार)भाद्रपद शुक्ल पक्षीय चतुर्थी।।। श्री गणेश जयन्ति या गणेश … Read more

श्री गणेश चतुर्थी का महत्व

गणेश पुराण के अनुसार श्री गणेश जी द्वारा भगवान महादेव जी को बताया विधान भाद्रपद मास की चतुर्थी जो गणेश जयंती के रूप में मनाई जाती है। उसकी पूजा नियमानुआर करना चाहिए गंगा जी के रेशे की बनी हुई मिट्टी की प्रतिमा की सोलह उपचार के द्वारा गणेश के हजार नाम के साथ दूर्वा चढ़ाएं … Read more

गणेश चतुर्थी पर करें भगवान गणेश आराधना

श्री गणेशचतुर्थी केवल उत्सव ही नहीं अपितु त्यौहार एवं व्रत भी है…प्रत्येक व्यक्ति इसे विविध रूप में तथा बडे धूमधाम से मनाता है । केवल भारतमें ही नहीं, विदेश में भी गणेशचतुर्थी मनाई जाती है । भारत के लोकप्रिय त्यौहारों में दीपावली के उपरांत श्रीगणेशचतुर्थीका ही नाम आता है । गणेशचतुर्थी घर में त्यौहार अथवा … Read more

विभिन्न प्रांतों में गणेश चतुर्थी मनाने के तरीके

गणेशोत्सव गणेशोत्सव (गणेश + उत्सव) हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण एवम् लोकप्रिय उत्सव है। यह पर्व हिन्दू धर्म के मानने वालों का मुख्य पर्व है। यह उत्सव, हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक यानि दस दिनों तक चलता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी भी कहते … Read more

गणेशजी के जन्म से सम्बंधित अनेकों लोक गाथायें

एक बार भगवानशंकरस्नान करने के लिए कैलाश पर्वत से भोगावती नामक स्थान पर गए। उनके जाने के बादपार्वतीने स्नान करते समय अपने तन के मैल से एक पुतला बनाया और उसे सजीव कर दिया। उसका नाम उन्होंनेगणेशरखा। पार्वती जी ने गणेश जी से कहा ‘हे पुत्र तुम एक मुद्गर लेकर द्वार पर जाकर पहरा दो … Read more

संस्कृत की तरह प्रतीकात्मक होती हिंदी

हिंदी शब्द है हमारी आवाज का हमारे बोलने का जो की हिन्दुस्तान मैं बोली जाती है। आज देश मैं जितनी भी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं उन सबकी जननी हिंदी है। और हिंदी को जन्म देने वाली भाषा का नाम संस्कृत है। जो की आज देश मैं र्सिफ प्रतीकात्मक रूप से हिंदी माध्यम के स्कूल मैं एक … Read more

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