घर घर से रोटी इकठ्ठा कर गायो को जीवन देते हाजी मेहरू दिन

-चन्दन सिंह भाटी- जैसलमेर शहर की हर गली में सुबह की पहली किरण के साथ हाजी मेहरुदीन का इंतज़ार होता हैं।।जब तक हाजी के रिक्शे में लगी घण्टी की आवाज़ नही आती सब को उडीक रहती हैं।यह क्रम पिछले पन्द्र सालो से चल रहा हैं।।बात कर रहा हूँ जैसलमेर के एक नेक बुजुरग हाजी मेहरुदीन … Read more

जैन समाज ही नहीं पुरे देश ने खोया अनमोल रत्न : लुनिया

हिन्दी सिनेमा जगत के महान संगीतकार अपनी आँखों से नहीं वरन मन के कोमल और सुन्दर नैनो से दुनिया को देख सदैव उसको गीतों में पिरो दिया निश्चल कोमल मन वाले मधुर कंठ के सरताज गायक एवं संगीतकार रविन्द्र जैन जी हमें छोड़ चल अपने शब्द और संगीत को हमेशा हमेशा के लिए अमर कर … Read more

कर्मयोगी महाराजा अग्रसेन

किसी भी समाज या उन्नत राष्ट्र के निर्माण हेतु मुख्यतया चार स्तंभों की आवश्यकता होती है यथा– आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक। इन चारों स्तंभों को दृढ़ करके ही राष्ट्र को प्रगतिशील एवं विकसित देश बनाया जा सकता है | महाराजा अग्रसेनजी ने इन्हीं चार स्तंभों को मजबूत कर समर्द्धशाली ,कल्याणकारी एवं शक्तिशाली राज्य का … Read more

शारदीय नवरात्र घट स्थापना शुभ मुहूर्त और स्थापना विधि

पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार नवरात्रि में दुर्गा पूजा घटस्थापना के बाद की जाती है, परंतु इस वर्ष 8 साल बाद चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग होने के कारण शास्त्रानुसार अभिजीत मुहूर्त में स्थापना करनी चाहिए। परंतु किसी कारणवश इस समय स्थापना नहीं कर सकें तो चर, लाभ, शुभ या राहुकाल छोड़कर स्थिर लग्न में … Read more

कब बनेंगें आपके विवाह के योग

वर्तमान समय में युवक युवतियां उच्च शिक्षा या अच्छा करियर बनाने के चक्कर में बड़ी उम्र के हो जाने पर विवाह में काफी विलंब हो जाता है। उनके माता-पिता भी असुरक्षा की भावनावश बच्चों के अच्छे खाने-कमाने और आत्मनिर्भर होने तक विवाह न करने पर सहमत हो जाने से भी विवाह में विलंब निश्चित होता … Read more

आपकी सोच बनाती है आपका व्यक्तित्व

– ललित गर्ग – हर व्यक्ति सफल एवं सार्थक जीवन की आकांक्षा रखता है। भौतिक जीवन जीते हुए भी हर व्यक्ति आंतरिक विकास के लिए जागरूक रह सकता है, अपने भीतर की अच्छाई को जिंदा रख सकता है, अच्छा इंसान बनने की यात्रा निरंतर जारी रख सकता है, इसी से जीवन को सार्थकता मिलती है। … Read more

गणेश जी प्रतिमा का विजर्सन क्यों?

कोई विद्वान् पुरुष मुझे बताएगा की हमारे सास्त्र. पुराण.वेद या कोई अन्य सनातनी ग्रन्थ में कहा पर लिखा हे या बताया हे की भगवान की मूर्ति को जल में प्रवाहित करनी चाहिए हा ये जरूर हे की सनातन धर्म में खण्डित मूर्ति की पूजा नही होती अतः उसे जल में या जमीन के भीतर समाधि … Read more

चंद्रग्रहण पर करें ग्रहण दोष से मुक्ति के उपाय

हमारे ज्योतिष शास्त्रों ने चंद्रमा को चौथे घर का कारक माना है. यह कर्क राशी का स्वामी है. चन्द्र ग्रह से वाहन का सुख सम्पति का सुख विशेष रूप से माता और दादी का सुख और घर का रूपया पैसा और मकान आदि सुख देखा जाता है. चंद्रमा दुसरे भाव में शुभ फल देता है … Read more

असमय मृतकों के निमित श्राद्ध कब करें ?

इन श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध सभी करते हे ।। गर्भपात में या अबॉर्शन में खुद के द्वारा करवाये ( असमय अकाल मृत्यु प्राप्त आत्मा)गर्भपात आदि इनके निमित्त पिंड दान श्राद्ध आवश्यक हे ।। यह गुप्त हत्या हे।। इससे दोहरा दोष लगता हे ।। आपको हत्या का और पितरों का ।।। यदि आपके द्वारा या आपके … Read more

श्राद्ध कर्म क्या हैं ? कब, क्यों और कैसे करें श्राद्ध कर्म ?

शास्त्र का वचन है-“श्रद्धयां इदम् श्राद्धम्” अर्थात पितरों के निमित्त श्रद्धा से किया गया कर्म ही श्राद्ध है। मित्रों, आगामी 28 सितम्बर 2015 ( सोमवार) से महालय “श्राद्ध पक्ष” प्रारम्भ होने जा रहा है। इन सोलह (16) दिनों पितृगणों (पितरों) के निमित्त श्राद्ध व तर्पण किया जाता है। किन्तु जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग … Read more

क्यों आवश्यक है पितरों का श्राद्ध

हर संतान के लिए हिन्दू धर्म में यह कर्त्तव्य बनाया गया है की वह अपने पिता और पितरों का श्राद्ध अवश्य करे |यह अति आवश्यक है |इसका धार्मिक और गूढ़ कारण है |संतानोत्पादन से दशमद्वार से प्राण त्याग की शक्ति क्षीण हो जाती है अतः पिता की इस हानि का दायित्व पुत्र पर आ जाता … Read more

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