अजमेर। बजट में अजमेर को खास तोहफा नहीं मिल सका। सरकार ने विधायकों से फीडबैक लिया था, पर जनता सहित जनप्रतिनिधियों की उम्मीदों को झटका लगा है।
बजट से पहले जनप्रतिनिधियों से फीड बैक लिया था। बजट का पिटारा खुलने के साथ जिले की उम्मीदें टूटती रही। दो दशक से ब्यावर जिला नहीं बन पाया। यहां मेडिकल कॉलेज और नगर सुधार न्यास बनाने का सपना अधूरा ही रहा।
अजमेर में फ्लाईओवर और ऐलिवेटेड रोड की योजना की कोई घोषणा नहीं हुई। बिजयनगर में डीएसपी कार्यालय, भिनाय और अरांई में कॉलेज, अजमेर और पुष्कर के बीच सुरंग के लिए बजट की आस भी पूरी नहीं हुई। जिले को पेयजल समस्या से निबटने के लिए चंबल और इंदिरा गांधी नहर से जोडऩे की घोषणा भी नहीं की गई।
यह मिला अजमेर जिले को
-ईटी सेल में फिल्मों के डिजीटलीकरण के लिए 2 करोड़
-600 हेक्टेयर भूमि पर नगर वन उद्यान
-4 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर
-अजमेर में चित्रकला महाविद्यालय
-केकड़ी में रिंग रोड की घोषणा
-पुष्कर में मंदिर विकास के लिए बजट
जिले के विधायकों की अधूरी रही आस
-ब्यावर नहीं बन पाया जिला
-बिजयनगर में डीएसपी कार्यालय,भिनाय में सहायक अभियंता कार्यालय
-सरवाड़ में जिला स्तरीय अस्पताल
-भिनाय और अरांई में राजकीय महाविद्यालय
-ब्यावर और केकड़ी में मेडिकल कॉलेज
-पेयजल के लिए अजमेर को चंबल और इंदिरा गांधी नहर से जोडऩा
-अजमेर-पुष्कर के बीच सुरंग बनाने के लिए बजट
-ब्यावर में नगर सुधार न्यास की घोषणा
✍? ब्रजपालसिंह रावत
राजस्थान पत्रिका