किशनगढ में परिषद चुनाव 2021: किस्सा सभापति की कुर्सी का

*क्या लिखूं..बीच उनके दिल जुडने का सिलसिला कैसे हुआ….*
*जो रंग -ऐ- दुश्मन थे आपस में कभी.. मिले है अब हमसफर की तरह…*

*जी हां !* ठीक समझा आपने..सत्यनारायण की कथा की तरह शहर में इन दिनों सभापति की कुर्सी की कथा विधायक सुरेश टाक के नाम से लोगों की जुबान पर शुरु होती है। *कथा के दौरान कांग्रेस की ओर से कुर्सी के दावेदार बने प्रदीप अग्रवाल और विधायक सुरेश टाक के बीच धुंआदार बिगडे रहे और अब यकायक जानदार जुड रहे सम्बन्धों का आम जिक्र कथा के प्रारम्भ में शहरवासियों से ‘गणेश वंदना’ की तरह बढिया राग के साथ सुना जा सकता है।समझोता दोनों बंदो ने किया है।श्री अग्रवाल को सभापति बनना है तो वहीं विधायक श्री टाक को किसी भी तरह मुख्यमंत्री के पल्ले बंध कर रहना है।मकसद दोनों का एक ही है ‘सत्ता का सुख पाना’।*
उल्लेखनीय है कि इस बार इन चुनाव के दौरान ‘सभापति’ के चुनाव का मुद्दा मुख्य रहा।बडे दोनों ही दलों ने प्रारम्भ में ही अपने २ सभापति चुन लिए…तीसरी खम्भ ठोक डाली विधायक सुरेश टाक ने..किशनगढ प्रगति मंच। *फैसला करने वाली जनता जनार्दन क्या चाहती है..यह किसी ने विचारा नहीं…मत दाताओं के फैसले ने सभी के अरमानों को ठंड पिला दी।प्रगति मंच के संयोजक विधायक टाक जो जोड तोड की राजनीति में ऐतिहासिक तौर पर अग्रणी रहें हैं..ने हाथ से निकली बाजी का हाथ थामते..आऊट हुई गेंद को अपने पाले में खींचते जग जाहिर तौर पर अपने विरोधी रहे प्रदीप अग्रवाल का हाथ थाम लिया…।* *शहर के राजनीतिक गलियारे में व्याप्त चर्चा के मुताबिक फिलाहल तो विधायक द्वारा जोडी ग ई गोटियां कामयाबी की ओर अग्रसर है..शहर में व्याप्त हो रही चर्चाओं को अगर सच मान लिया जाय तो प्रदीप अग्रवाल का सभापति बन जाना लगभग तय है।* *खेल में कामयाबी मिलती है तो बार बार मिली असफलता और सरकार से अपने खोये विश्वास को पुन: पा जाने में विधायक टाक को अच्छी सफलता हासिल होगी…वहीं प्रदीप अग्रवाल सत्ता का सुख पा लेंगे।यहां विचारणीय है..जनता को इस खेल में क्या मिला❓जनादेश के बाऊजूद..जनता ने पाया..फिर से पसंद..नापसंद का पांच सालाना छलावा..जोड तोड की राजनीति और अपने ही द्वारा चुने गये जन सेवकों से टूटते विश्वास का नजारा।बहरहाल चंद घंटे शेष है,जनता के सामने सभापति की कुर्सी के भाग्य का फैसला होने में..तैयारियां सारी पूरी हो चुकी है,शय और मात के सभी प्यादे अपने अपने ठिकाने बैठ चुके हैं..मतदाता मौन व अचम्भित है..क्योंकि बाजी उसके हाथ से पांच सालों के लिए निकल चुकी है….!!!!*
_*सर्वेश शर्मा*
*संपादक..’कुछ अलग*
*मो.9352489097*

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