sohanpal singhमाननीय प्रधान मंत्री द्वारा कथित गौ रक्षको को खुले मंच से बार बार चेतावनी देने के बाद भी यदि गौरक्षकों को शासन से लेंकर प्रधान मंत्री की चेतावनी का अगर कोई असर नहीं हो रहा है तो यह एक गंभीर मसला बन जाता है क्योंकि कथित गौरक्षक उन्ही संघटनो से निकल कर आते है जिनका संरक्षण आरएसएस नमक संस्था ही करती है जिसका एक कर्मठ सदस्य होने में प्रधान मंत्री और गृह मंत्री को गर्व होता है ? क्योंकि जब प्रधान मंत्री और गृह मंत्री की नाक के नीचे दिल्ली के नागलोई के पास वैध प्रपत्रों के साथ कुछ लोग ट्रको में भर कर भैंसो को ले जा रहे थे तो उन पर लगभग 100 लोगो ने रोक कर ट्रकों पर हमला कर दिया तोड़फोड़ के साथ भैंसो को भी साथ ले गए , याक कितना दुखद है की प्रधान मंत्री जी एवम् गृह मंत्री के निर्देश के बाद भी उनकी पार्टी समर्थक कथित गोरक्षक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है ? एक बात तो निश्चित है की यां तो ईन कथित गौरक्षकों को कोई गुप्त सन्देश है कि जब भी सरकार से सख्ती का आदेश आये गौरक्षक और उग्र रूप से गुंडा गर्दी करे या बीजेपी शासित राज्यों में इन लोगों को खुली छूट है ,नहीं तो कया कारण है की दिल्ली राष्ट्रिय राजधानी में एक सक्षम प्रधान मंत्री और गृह मंत्री के होते हुए कथित गौरक्षक तांडव करने से बाज नहीं आते ? यह इस लिए भी निन्दनीय है की दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के आधीन काम करती है ? कथित गौरक्षकों का यह कार्य इस लिए तो और भी निन्दनीय है कि गौ रक्षा के नाम पर भैंसो के संरक्षण में भी अब लूट मार की जा रही है , वैध प्रपत्र होने के बाद भी कानून का राज्य कहाँ चला जाता है ! वो भी दिल्ली जैसें विश्व विख्यात शहर में ? घोर दुखद और निन्दनीय !!!!