पैरोडी… @बाबा (मेरे सामने वाली खिड़की में)

आशा गुप्ता
आशा गुप्ता
मेरे देश के कोने कोने में
बाबा का डेरा मिलता है
अफसोस है इनका जादू
इंसान को घेरा रहता है….

बाबा बन कर वो बैठ गये
राज सिहांसन पर जाकर
सुख, सुविधा की सारी चीज़ें
पा लेते सबको ठग ठग कर
किस बात के हैं साधु, जब
राजा सा भोग लगता है…

जितने भी ढोंगी हैं आये
सब मोटा माल हड़प गये
बहनों बेटी की इज्जत भी
मिठाई समझ के गटक गये
शैतान बने रहते हैं जो
क्यों उन का आदर करता है…

भगवान से बढ़ के कोई नहीं
विश्वास वहीं साधे रखना
जो सुख सुविधा में रहता हो
उसको क्यों बाबा कहना
ईश्वर का ध्यान छोड़ के तू
व्यक्ति पूजक क्यों बनता है…
….. ©आशा गुप्ता ‘आशु’

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